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कोरोना मरीज के संपर्क में आए लोगों की 24 घंटे में हो जांच
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बलरामपुर। कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के संबंध में मंगलवार को एकीकृत कोविड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए रणनीति तय की गई और अभी तक की स्थिति पर चर्चा भी हुई। कोरोना नियंत्रण के लिए सैंपलिंग पर विशेष जोर देते हुए पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए लोगों की 24 घंटें के अंदर जांच करने का निर्देश दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी को चुनौती के रूप में लिया जाए। इसके नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। सभी अधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्र्वहन करें। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि निगरानी समिति द्वारा प्रतिदिन घर-घर सर्वे किया जा रहा है।
समिति ने आज संदिग्ध 389 व्यक्तियों को चिह्नित किया जिसके सापेक्ष आज 17 लोगों की सैंपलिंग की गई है। शेष लोगों का सैंपल कल लिया जाएगा। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संदिग्ध केसों की 24 घंटे के अंदर जांच सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीएमओ ने अवगत कराया कि एक जुलाई से 23 अगस्त 2020 तक कुल 803 पॉजिटिव लोगों के 8704 कांटेक्ट ट्रेसिंग की गई है। इनमें से 7451 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं।
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उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना मरीजों को 24 घंटे के अंदर सुविधाएं उपलब्ध करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा होम आइसोलेशन वाले मरीजों की आरआरटी टीम द्वारा निगरानी कराई जा रही है। साथ ही दिन में एक बार कमांड सेंटर से फोन करके हालचाल भी लिया जा रहा है। किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कुछ प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने शिकायत किया कि कुछ स्थानों पर आरआरटी टीम के पहुंचने पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा जांच न कराए जाने के लिए टीम के साथ अभद्रता की जाती है।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि वह अपने अपने तहसील के क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ बैठक कर समस्याओं का निराकरण कराएं। इसके अलावा आरआरटी की टीमें डायल 112 का भी सहयोग लें। डीएम ने चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि कोरोना मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए। उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
आईएमए तथा नर्सिंग होम एसोसिएशन से लगातार संवाद बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर ट्रीटमेंट प्रोटोकाल के बारे में उन्हें जानकारी भी दें। सभी कोविड तथा नॉन कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस सेवाएं सुनिश्चित कराएं। सीएमओ ने बताया कि एल-1 कोविड केयर सेंटर में सीसीटीवी कैमरा, सैंपलिंग टीम के लिए वाहन तथा कार्यालय में डाटा अपलोड करने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता है। इस संबंध में डीएम ने तत्काल नियमानुसार प्रस्ताव अनुमोदन कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी को चुनौती के रूप में लिया जाए। इसके नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। सभी अधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्र्वहन करें। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि निगरानी समिति द्वारा प्रतिदिन घर-घर सर्वे किया जा रहा है।
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समिति ने आज संदिग्ध 389 व्यक्तियों को चिह्नित किया जिसके सापेक्ष आज 17 लोगों की सैंपलिंग की गई है। शेष लोगों का सैंपल कल लिया जाएगा। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संदिग्ध केसों की 24 घंटे के अंदर जांच सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीएमओ ने अवगत कराया कि एक जुलाई से 23 अगस्त 2020 तक कुल 803 पॉजिटिव लोगों के 8704 कांटेक्ट ट्रेसिंग की गई है। इनमें से 7451 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं।
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उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना मरीजों को 24 घंटे के अंदर सुविधाएं उपलब्ध करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा होम आइसोलेशन वाले मरीजों की आरआरटी टीम द्वारा निगरानी कराई जा रही है। साथ ही दिन में एक बार कमांड सेंटर से फोन करके हालचाल भी लिया जा रहा है। किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कुछ प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने शिकायत किया कि कुछ स्थानों पर आरआरटी टीम के पहुंचने पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा जांच न कराए जाने के लिए टीम के साथ अभद्रता की जाती है।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि वह अपने अपने तहसील के क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ बैठक कर समस्याओं का निराकरण कराएं। इसके अलावा आरआरटी की टीमें डायल 112 का भी सहयोग लें। डीएम ने चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि कोरोना मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए। उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
आईएमए तथा नर्सिंग होम एसोसिएशन से लगातार संवाद बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर ट्रीटमेंट प्रोटोकाल के बारे में उन्हें जानकारी भी दें। सभी कोविड तथा नॉन कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस सेवाएं सुनिश्चित कराएं। सीएमओ ने बताया कि एल-1 कोविड केयर सेंटर में सीसीटीवी कैमरा, सैंपलिंग टीम के लिए वाहन तथा कार्यालय में डाटा अपलोड करने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता है। इस संबंध में डीएम ने तत्काल नियमानुसार प्रस्ताव अनुमोदन कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।