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Balrampur News: क्षमा याचना के साथ हुआ पर्यूषण पर्व का समापन
Fri, 18 Sep 2026 10:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 18 Sep 2026 10:42 PM IST
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फोटो-26- मंदिर में मध्य प्रदेश से आए कथावाचक अशोक जैन को सम्मानित करते जैन समाज के लोग। स्रोत आ
बलरामपुर। मेजर चौराहा स्थित जैन भवन में आठ सितंबर से चल रहे पर्यूषण पर्व का समापन क्षमा याचना के साथ हुआ। इस अवसर पर जैन समाज के लोगों ने जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी। साथ ही आपसी प्रेम, आदर और अपनत्व की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
पर्व के दौरान अलग-अलग दिवसों पर ज्ञान, दर्शन, चरित्र, तप, संयम, अहिंसा, दान और क्षमा दिवस मनाए गए। प्रतिदिन तीनों पहर समाज के लोगों ने बाहर से आए प्रवाचकों के प्रवचन सुने। मध्य प्रदेश से आए कथावाचक अशोक कुमार जैन और आर्ची जैन तथा राजस्थान से आए नरेश कुमार जैन ने आध्यात्मिक एवं नैतिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला।
समापन अवसर पर समाज के लोगों ने कहा कि मन, वचन और काया से किसी को जाने-अनजाने ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वे क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने कहा कि क्षमा, प्रेम और अपनत्व की भावना को बढ़ावा देने से समाज में सौहार्द मजबूत होगा और जीवन सार्थक बनेगा। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे को संवत्सरी महापर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
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अंत में जैन समाज के अध्यक्ष सुमेर जैन, विक्रम जैन और तरुण जैन समेत अन्य लोगों ने प्रवाचकों को अंगवस्त्र और उपहार भेंटकर सम्मानित किया।
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पर्व के दौरान अलग-अलग दिवसों पर ज्ञान, दर्शन, चरित्र, तप, संयम, अहिंसा, दान और क्षमा दिवस मनाए गए। प्रतिदिन तीनों पहर समाज के लोगों ने बाहर से आए प्रवाचकों के प्रवचन सुने। मध्य प्रदेश से आए कथावाचक अशोक कुमार जैन और आर्ची जैन तथा राजस्थान से आए नरेश कुमार जैन ने आध्यात्मिक एवं नैतिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला।
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समापन अवसर पर समाज के लोगों ने कहा कि मन, वचन और काया से किसी को जाने-अनजाने ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वे क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने कहा कि क्षमा, प्रेम और अपनत्व की भावना को बढ़ावा देने से समाज में सौहार्द मजबूत होगा और जीवन सार्थक बनेगा। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे को संवत्सरी महापर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
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अंत में जैन समाज के अध्यक्ष सुमेर जैन, विक्रम जैन और तरुण जैन समेत अन्य लोगों ने प्रवाचकों को अंगवस्त्र और उपहार भेंटकर सम्मानित किया।