{"_id":"5d8264058ebc3e01783413d3","slug":"outrage-over-contracting-black-list-company-balrampur-news-lko482218722","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक लिस्ट कंपनी को ठेका दिए जाने से आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक लिस्ट कंपनी को ठेका दिए जाने से आक्रोश
विज्ञापन
बलरामपुर। ब्लैक लिस्ट कंपनी को ठेका दिए जाने को लेकर संविदा कर्मियों ने आक्रोश जताया है। संविदा कर्मियों ने एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मी संघ के पदाधिकारी अमिरका पांडेय, रामानंद गौड़, अमित गिरि व अजय श्रीवास्तव आदि ने बुधवार को एक्सईएन पावर कार्पोरेशन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि मध्यांचल निगम ने ऐसी कंपनी को ठेका दिया है जो ब्लैक लिस्ट रही है।
अन्य विभागों में कार्य कर चुकी कंपनी का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। हम सभी संविदा कर्मचारियों को स्टैम्प पेपर पर न तो हस्ताक्षर करना है और न ही रजिस्ट्रेशन के नाम पर कोई शुल्क देना है। वर्षों से कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से फोन करके कार्यालय बुलाया जा रहा है। जहां 10 रुपये के स्टैम्प पेपर पर कर्मचारी विरोधी शर्तें लिखवाकर हस्ताक्षर कराया जा रहा है।
विज्ञापन
यह धमकी दी जा रही है कि जब तक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करके नहीं मिल जाएगा तब तक कर्मचारियों को कार्य पर नहीं रखा जाएगा। जबकि हाईकोर्ट ने संविदा कर्मचारियों को न हटाने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मी संघ के पदाधिकारी अमिरका पांडेय, रामानंद गौड़, अमित गिरि व अजय श्रीवास्तव आदि ने बुधवार को एक्सईएन पावर कार्पोरेशन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि मध्यांचल निगम ने ऐसी कंपनी को ठेका दिया है जो ब्लैक लिस्ट रही है।
विज्ञापन
अन्य विभागों में कार्य कर चुकी कंपनी का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। हम सभी संविदा कर्मचारियों को स्टैम्प पेपर पर न तो हस्ताक्षर करना है और न ही रजिस्ट्रेशन के नाम पर कोई शुल्क देना है। वर्षों से कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से फोन करके कार्यालय बुलाया जा रहा है। जहां 10 रुपये के स्टैम्प पेपर पर कर्मचारी विरोधी शर्तें लिखवाकर हस्ताक्षर कराया जा रहा है।
विज्ञापन
यह धमकी दी जा रही है कि जब तक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करके नहीं मिल जाएगा तब तक कर्मचारियों को कार्य पर नहीं रखा जाएगा। जबकि हाईकोर्ट ने संविदा कर्मचारियों को न हटाने का आदेश जारी किया है।