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Balrampur News: बैंकों की मनमानी से ओडीओपी योजना पर फिर रहा पानके
Fri, 08 Mar 2024 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 08 Mar 2024 11:43 PM IST
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बलरामपुर। बैंकों की मनमानी से ओडीओपी (एक जनपद, एक उत्पाद) योजना पर पानी फिर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में उद्योग विभाग ने दाल कारोबार के लिए अब तक 42 आवेदकों का चयन करके बैंकों को ऋण देने के लिए पत्रावली भेजी थी। मनमानी के चलते बैंकों ने इनमें से सिर्फ 20 आवेदकों को ही मंजूरी प्रदान कर 17 आवेदनों को निरस्त कर दिया।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी में पहले के चयनित लाभार्थियों को दाल का कारोबार खूब भा रहा है। यहां की दाल कोलकाता से लेकर नेपाल तक बिक्री करके कारोबारी लाभ कमा रहे हैं। मिलों में तैयार की गई दाल अन्य प्रदेशों में भी भेजी जा रही है। वर्ष 2023-24 में योजना के तहत 33 लाभार्थियों को चयनित कर 3.96 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों से दिलवाने का लक्ष्य है। इसमें 99 लाख रुपये की मार्जिन मनी लाभार्थियों को दी जाएगी। फरवरी 2024 तक योजना का फायदा पाने के लिए 42 लोगों ने बैंकों से 4.95 करोड़ रुपये का ऋण पाने के लिए आवेदन किया था। इसमें दो साल तक दाल का सफलता से कारोबार करने के बाद चयनित लाभार्थियों को 1.23 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जानी थी।
इसके बावजूद बैंकों ने अब तक 63.62 लाख मार्जिन मनी के सिर्फ 20 ऋण आवेदन ही स्वीकृत कर 19 आवेदकों को ही ऋण वितरित किया है। जबकि 55.25 लाख रुपये मार्जिन मनी के 17 आवेदन बिना कारण बताए खारिज कर दिए। उपायुक्त उद्योग राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बरोजगारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए ओडीओपी योजना में साक्षात्कार के बाद बैंकों को आवेदन भेजे जाते हैं। मनमानी के चलते बैंकों से आवेदन करने वालों को ऋण देने में कोताही बरती जा रही है।
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दाल का कारोबार करने वाले चंदन श्रीवास्तव, मोहम्मद नईम, रमेश प्रसाद, सौरभ, राहुल कुमार, विनोद व आशुतोष पांडेय ने बताया कि उनकी फाइल उद्योग विभाग से स्वीकृत करके बैंकों को ऋण के लिए भेजी गई थी, लेकिन बैंकों ने बिना कारण बताए उनकी फाइल रिजेक्ट कर दी है। 29 लाख 25 हजार मार्जिन मनी वाले 12 आवेदकों को अभी तक ऋण की स्वीकृति नहीं दी गई है। छह लाख 75 हजार मार्जिन मनी के चार आवेदक भी ऋण स्वीकृति की जानकारी पाने के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
इंडियन लीड बैंक प्रबंधक अंकित गुप्त ने बताया कि ओडीओपी योजना में चयनित सभी लाभार्थियों को बैंकों से ऋण देने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी भी तरह ढिलाई मिलने पर कार्रवाई तय की जाएगी। दूसरी तरफ डीएम अरविंद सिंह ने बताया कि स्वरोजगार योजनाओं की सीएम डैश बोर्ड से हर माह समीक्षा की जा रही है। उद्योग कार्यालय से भेजी गई सभी फाइलों पर बैंकों को ऋण देने का निर्देश दिया गया है। चयनित लाभार्थियों को ऋण देने में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
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प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी में पहले के चयनित लाभार्थियों को दाल का कारोबार खूब भा रहा है। यहां की दाल कोलकाता से लेकर नेपाल तक बिक्री करके कारोबारी लाभ कमा रहे हैं। मिलों में तैयार की गई दाल अन्य प्रदेशों में भी भेजी जा रही है। वर्ष 2023-24 में योजना के तहत 33 लाभार्थियों को चयनित कर 3.96 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों से दिलवाने का लक्ष्य है। इसमें 99 लाख रुपये की मार्जिन मनी लाभार्थियों को दी जाएगी। फरवरी 2024 तक योजना का फायदा पाने के लिए 42 लोगों ने बैंकों से 4.95 करोड़ रुपये का ऋण पाने के लिए आवेदन किया था। इसमें दो साल तक दाल का सफलता से कारोबार करने के बाद चयनित लाभार्थियों को 1.23 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जानी थी।
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इसके बावजूद बैंकों ने अब तक 63.62 लाख मार्जिन मनी के सिर्फ 20 ऋण आवेदन ही स्वीकृत कर 19 आवेदकों को ही ऋण वितरित किया है। जबकि 55.25 लाख रुपये मार्जिन मनी के 17 आवेदन बिना कारण बताए खारिज कर दिए। उपायुक्त उद्योग राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बरोजगारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए ओडीओपी योजना में साक्षात्कार के बाद बैंकों को आवेदन भेजे जाते हैं। मनमानी के चलते बैंकों से आवेदन करने वालों को ऋण देने में कोताही बरती जा रही है।
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दाल का कारोबार करने वाले चंदन श्रीवास्तव, मोहम्मद नईम, रमेश प्रसाद, सौरभ, राहुल कुमार, विनोद व आशुतोष पांडेय ने बताया कि उनकी फाइल उद्योग विभाग से स्वीकृत करके बैंकों को ऋण के लिए भेजी गई थी, लेकिन बैंकों ने बिना कारण बताए उनकी फाइल रिजेक्ट कर दी है। 29 लाख 25 हजार मार्जिन मनी वाले 12 आवेदकों को अभी तक ऋण की स्वीकृति नहीं दी गई है। छह लाख 75 हजार मार्जिन मनी के चार आवेदक भी ऋण स्वीकृति की जानकारी पाने के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
इंडियन लीड बैंक प्रबंधक अंकित गुप्त ने बताया कि ओडीओपी योजना में चयनित सभी लाभार्थियों को बैंकों से ऋण देने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी भी तरह ढिलाई मिलने पर कार्रवाई तय की जाएगी। दूसरी तरफ डीएम अरविंद सिंह ने बताया कि स्वरोजगार योजनाओं की सीएम डैश बोर्ड से हर माह समीक्षा की जा रही है। उद्योग कार्यालय से भेजी गई सभी फाइलों पर बैंकों को ऋण देने का निर्देश दिया गया है। चयनित लाभार्थियों को ऋण देने में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी।