फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Now the heads of 793 panchayats will take over as administrators

Balrampur News: अब प्रशासक बन कामकाज संभालेंगे 793 पंचायतों के प्रधान

Tue, 26 May 2026 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Tue, 26 May 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
Now the heads of 793 panchayats will take over as administrators
फोटो-23- सदर विधायक पल्टूराम के साथ बैठक करते ग्राम प्रधान। स्रोत प्रधान संघ
बलरामपुर। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मंगलवार से जिले की 793 ग्राम पंचायतों की तस्वीर बदल गई। शासन ने पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में अगले छह माह के प्रधानों को ही संबंधित पंचायतों में बतौर प्रशासन काम काम संभालने का निर्देश दिया है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार कायम बनीं रहेगी।
विज्ञापन

सरकार के फैसले के बाद ग्राम प्रधानों में उत्साह का माहौल है। अखिल भारतीय पंचायत परिषद प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष गुलजारीलाल शुक्ला ने कहा कि गांवों की समस्याओं और जरूरतों को प्रधानों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। ऐसे में सरकार का फैसला ग्राम पंचायतों के हित में है। प्रधान राम कृपाल शुक्ल और सुरेंद्र मिश्रा ने भी फैसले को सराहा। प्रधानों ने सदर विधायक पल्टूराम के आवास पहुंचकर माल्यार्पण किया और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रधानों ने भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा के आवास पहुंचकर भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
विज्ञापन

अब तक पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद आमतौर पर पंचायत सचिव या सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्रशासक बनाया जाता था। इस बार सरकार ने सीधे ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी देकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संदेश दिया है। सरकार के फैसले के बाद बुधवार से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधान ही प्रशासक के रूप में कामकाज संभालेंगे। हालांकि उन्हें केवल नियमित और जरूरी प्रशासनिक कार्यों की अनुमति होगी। किसी नई योजना की स्वीकृति, बड़े वित्तीय निर्णय या नीतिगत फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा। डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने बताया कि आपात स्थिति में प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजना होगा और अनुमति मिलने के बाद ही निर्णय लागू किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंचायत चुनाव में देरी बनी कारण
पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया, लेकिन पंचायत चुनाव समय से नहीं हो सके। इसके पीछे परिसीमन, पंचायत पुनर्गठन और ओबीसी आरक्षण आयोग की प्रक्रिया को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जिले की ग्राम पंचायतों में इस समय करीब 15 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम होना है। इनमें खड़ंजा निर्माण, नाली, इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन, पेयजल, मनरेगा, तालाब सुंदरीकरण और सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्य शामिल हैं। पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद यदि प्रशासनिक व्यवस्था लंबित रहती तो इन योजनाओं पर असर पड़ सकता था। अब पंचायतों की बुनियादी सेवाएं बिना रुकावट जारी रह सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed