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Balrampur News: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब दो आईडी नहीं, सिर्फ आधार कार्ड
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बलरामपुर। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब पहचान व पते संबंधित तमाम दस्तावेजों को जुटाने की परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी। आवेदन पत्र में सिर्फ आधार कार्ड की सत्यापित कॉपी लगाकर ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कहीं से भी आनलाइन आवेदन करते ही लिंकअप मोबाइल पर टेस्ट के लिए मैसेज आ जाएगा। टेस्ट में पास होने के बाद ही लर्निंग लाइसेंस जारी होगा।
पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कम से कम दो आईडी लगानी पडती थी। एक आईडी में जन्म की तिथि और दूसरे आईडी में पता लिखा होना अनिवार्य था। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय इन दोनों दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना भी जरूरी होता था। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों की मूल प्रति एआरटीओ कार्यालय में दिखाने पर ही लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट की अनुमति मिलती थी।
इस व्यवस्था को सरल बनाते हुए अब ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट देने के लिए आवेदन अपनी सुविधानुसार दिन का चयन भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं निर्धारित तिथि व समय पर कहीं से भी ऑनलाइन इसका टेस्ट भी दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें एआरटीओ कार्यालय जाने की भी जरूरत नहीं होगी। टेस्ट में सफल हो जाने के बाद डाक के जरिए ही लर्निंग लाइसेंस आवेदक के दर्ज पते पर पहुंच जाएगा।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस को परमानेंट करने के लिए होने वाला टेस्ट देने के लिए ही आवेदक को एआरटीओ कार्यालय आना होता है। इसके लिए आरटीओ कार्यालय में अपना आवेदन फॉर्म, लर्निंग लाइसेंस और आधार कार्ड की मूल कॉपी दिखाकर छायाप्रति जमा कराना पड़ती है। टेस्ट में पास होने पर ही चिप युक्त कार्ड वाला स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस दर्ज पते पर डाक से भेजा जाएगा।
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पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कम से कम दो आईडी लगानी पडती थी। एक आईडी में जन्म की तिथि और दूसरे आईडी में पता लिखा होना अनिवार्य था। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय इन दोनों दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना भी जरूरी होता था। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों की मूल प्रति एआरटीओ कार्यालय में दिखाने पर ही लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट की अनुमति मिलती थी।
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इस व्यवस्था को सरल बनाते हुए अब ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट देने के लिए आवेदन अपनी सुविधानुसार दिन का चयन भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं निर्धारित तिथि व समय पर कहीं से भी ऑनलाइन इसका टेस्ट भी दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें एआरटीओ कार्यालय जाने की भी जरूरत नहीं होगी। टेस्ट में सफल हो जाने के बाद डाक के जरिए ही लर्निंग लाइसेंस आवेदक के दर्ज पते पर पहुंच जाएगा।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस को परमानेंट करने के लिए होने वाला टेस्ट देने के लिए ही आवेदक को एआरटीओ कार्यालय आना होता है। इसके लिए आरटीओ कार्यालय में अपना आवेदन फॉर्म, लर्निंग लाइसेंस और आधार कार्ड की मूल कॉपी दिखाकर छायाप्रति जमा कराना पड़ती है। टेस्ट में पास होने पर ही चिप युक्त कार्ड वाला स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस दर्ज पते पर डाक से भेजा जाएगा।