{"_id":"60a542ef8ebc3e9ad03d5bc9","slug":"mnrega-workers-warned-of-strike-from-today-balrampur-news-lko5787211114","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा कर्मियों ने दी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा कर्मियों ने दी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
विज्ञापन
बलरामपुर। मनरेगा कर्मियों ने 20 मई से अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की चेतावनी दी है। आठ सूत्री मांगें पूरी न होने पर नाराज मनरेगा कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है। कर्मियों के हड़ताल के चलते जिले में मनरेगा कार्य ठप हो गया है। मनरेगा कर्मियों ने जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों में कार्य ठप होने का दावा किया है।
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष अतुल मिश्र, दीपक वर्मा, अवनीश तिवारी व संजय विश्वास आदि ने बुधवार को बताया कि संयुक्त मनरेगा कर्मचारी महासंघ की तरफ से बीते 17 मई से सांकेतिक हड़ताल किया जा रहा है। इसी दिन से जिले में मनरेगा कार्य भी ठप कर दिया गया है।
मांग में मनरेगा कर्मचारी की मृत्यु पर उनके परिजन को शासकीय कर्मचारी की तरह 50 लाख रुपये की सहायता दिए जाने, कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की तबियत खराब होने पर उसे अलग से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, मनरेगा योजना में जेएम पोर्टल से भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने, महंगाई का आंकलन करते हुए मानदेय बढ़ाने व अन्य कर्मियों की तरह कोरोना वैक्सीन की सुविधा तत्काल कराने सहित आठ सूत्रीय बिंदु शामिल है।
विज्ञापन
मांगें न पूरी होने के चलते सांकेतिक हड़ताल को अनिश्चितकालीन में बदल दिया जाएगा। इन लोगों का दावा है उनके हड़ताल करने से जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप है।
डीसी मनरेगा महेंद्र देव पांडेय ने बताया कि मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित हुआ है। जिले के करीब 30 ग्राम पंचायतों में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कार्य हुए है जिसे पोर्टल पर दर्शाया गया है।
विज्ञापन
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष अतुल मिश्र, दीपक वर्मा, अवनीश तिवारी व संजय विश्वास आदि ने बुधवार को बताया कि संयुक्त मनरेगा कर्मचारी महासंघ की तरफ से बीते 17 मई से सांकेतिक हड़ताल किया जा रहा है। इसी दिन से जिले में मनरेगा कार्य भी ठप कर दिया गया है।
विज्ञापन
मांग में मनरेगा कर्मचारी की मृत्यु पर उनके परिजन को शासकीय कर्मचारी की तरह 50 लाख रुपये की सहायता दिए जाने, कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की तबियत खराब होने पर उसे अलग से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, मनरेगा योजना में जेएम पोर्टल से भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने, महंगाई का आंकलन करते हुए मानदेय बढ़ाने व अन्य कर्मियों की तरह कोरोना वैक्सीन की सुविधा तत्काल कराने सहित आठ सूत्रीय बिंदु शामिल है।
विज्ञापन
मांगें न पूरी होने के चलते सांकेतिक हड़ताल को अनिश्चितकालीन में बदल दिया जाएगा। इन लोगों का दावा है उनके हड़ताल करने से जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप है।
डीसी मनरेगा महेंद्र देव पांडेय ने बताया कि मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित हुआ है। जिले के करीब 30 ग्राम पंचायतों में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कार्य हुए है जिसे पोर्टल पर दर्शाया गया है।