{"_id":"69920361a81498e6cf038b0d","slug":"middlemen-getting-rich-off-the-hard-earned-money-of-farmers-balrampur-news-c-99-1-brp1003-142777-2026-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: किसानों की गाढ़ी कमाई से आढ़ती हो रहे मालामाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: किसानों की गाढ़ी कमाई से आढ़ती हो रहे मालामाल
विज्ञापन
बलरामपुर मंडी समिति में तौल के लिए खड़ी धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली। संवाद
बलरामपुर। जिले के 38 क्रय केंद्रों पर धान तौल बंद होने से किसानों की समस्या बढ़ गई है। किसान सरकारी दाम पर धान बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। सहालग में किसानों को पैसों की जरूरत है, ऐसे में अन्नदाताओं की गाढ़ी कमाई का लाभ आढ़ती उठाकर मालामाल हो रहे हैं।
जिले में 28 फरवरी तक धान क्रय केंद्रों का संचालन होना था। शासन ने 15 दिन पहले ही तौल बंद कर दी। क्रय केंद्र बंद होने से तमाम किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं। किसान रामकुमार ने बताया कि उन्हें पैसे की जरूरत थी। 1650 रुपये प्रति क्विंटल में आढ़ती को 50 क्विंटल धान बेच दिया। इसी तरह बुधसागर ने 45 क्विंटल व राम सागर ने 88 क्विंटल धान आढ़ती को बेचा है। यदि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान धान बेचते तो 2369 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा मिलता है। वहीं आढ़ती 1500 से 1700 रुपये में ही धान खरीद रहे हैं।
दोबारा शुरू होनी चाहिए तौल
लोहेपनिया के किसान महेंद्र तिवारी ने कहा कि समय से पहले क्रय केंद्र बंद करना ठीक नहीं है। अभी तमाम किसानों का धान नहीं बिक पाया है। कई किसान पंजीकरण कराकर भी तौल कराने के लिए भटक रहे हैं। किसानों के हित में दोबारा क्रय केंद्रों पर तौल शुरू करानी चाहिए।
विज्ञापन
एमएसपी के लाभ से वंचित किसान
लालपुर लैबुड्डी के सुंदर ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल बंद होने से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आढ़ती 1500 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीद कर मलाई काट रहे हैं।
उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना
जिले में किसानों का धान न बिकने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए पुन: क्रय केंद्रों पर तौल शुरू कराई जाएगी।
- उमेश मणि त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी बलरामपुर
विज्ञापन
जिले में 28 फरवरी तक धान क्रय केंद्रों का संचालन होना था। शासन ने 15 दिन पहले ही तौल बंद कर दी। क्रय केंद्र बंद होने से तमाम किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं। किसान रामकुमार ने बताया कि उन्हें पैसे की जरूरत थी। 1650 रुपये प्रति क्विंटल में आढ़ती को 50 क्विंटल धान बेच दिया। इसी तरह बुधसागर ने 45 क्विंटल व राम सागर ने 88 क्विंटल धान आढ़ती को बेचा है। यदि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान धान बेचते तो 2369 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा मिलता है। वहीं आढ़ती 1500 से 1700 रुपये में ही धान खरीद रहे हैं।
विज्ञापन
दोबारा शुरू होनी चाहिए तौल
लोहेपनिया के किसान महेंद्र तिवारी ने कहा कि समय से पहले क्रय केंद्र बंद करना ठीक नहीं है। अभी तमाम किसानों का धान नहीं बिक पाया है। कई किसान पंजीकरण कराकर भी तौल कराने के लिए भटक रहे हैं। किसानों के हित में दोबारा क्रय केंद्रों पर तौल शुरू करानी चाहिए।
विज्ञापन
एमएसपी के लाभ से वंचित किसान
लालपुर लैबुड्डी के सुंदर ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल बंद होने से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आढ़ती 1500 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीद कर मलाई काट रहे हैं।
उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना
जिले में किसानों का धान न बिकने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए पुन: क्रय केंद्रों पर तौल शुरू कराई जाएगी।
- उमेश मणि त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी बलरामपुर