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Balrampur News: फर्जी नियुक्ति मामले में आठ आरोपियों पर मेहरबानी
Sat, 28 Oct 2023 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 28 Oct 2023 11:29 PM IST
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बलरामपुर। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के फर्जी नियुक्ति पत्र पर सहायक अध्यापक बने आठ लोगों पर मेहरबानी बरती जा रही है। डीआईओएस की तरफ से दो बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य इनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज नहीं करवा रहे हैं। इस फर्जीवाड़े में 15 शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उजागर हुआ था। अब तक सिर्फ सात शिक्षकों के खिलाफ ही पुलिस में केस दर्ज हो पाया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती 2013 में फर्जी चयनितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को लेकर डीआइओएस, स्कूल के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों में खींचतान मची है। फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अब मुकदमा दर्ज कराने से छह स्कूल पीछे हट रहे हैं। प्रधानाचार्यों ने फर्जी तरह से चयनित हुए लोगों को कार्यभार तो बिना चयन बोर्ड के सत्यापन कराए ग्रहण करा दिया लेकिन अब उनका कहना है कि समायोजन सूची का सत्यापन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) के स्तर से किया जाना था। उनका कहना है कि फर्जी चयनित को नियुक्ति पत्र विद्यालय प्रबंधक ने जारी किया है तो मुकदमा प्रधानाचार्य क्यों दर्ज कराएं। इस मामले में अब तक 15 में से सात आरोपियों के खिलाफ ही केस दर्ज हो पाया है। पुलिस इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।
जिले के छह स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने आरोपित शिक्षकों के विरूद्ध केस दर्ज नहीं कराया है। जिसमें भारतीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को तीन, वीपीएस इंटर कॉलेज रेहरा, वाल विद्या मंदिर, राम शंकर भारतीय इंटर कॉलेज, मोहन लाल रामलाल इंटर कॉलेज, स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज को एक- एक आरोपित शिक्षकों पर केस दर्ज कराना है। डीआईओएस की ओर से चेतावनी देने के बाद भी केस दर्ज नहीं कराया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद रामका कहना है कि केस दर्ज न कराने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पुन: केस दर्ज कराने के लिए चेतावनी दी गई है।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती 2013 में फर्जी चयनितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को लेकर डीआइओएस, स्कूल के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों में खींचतान मची है। फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अब मुकदमा दर्ज कराने से छह स्कूल पीछे हट रहे हैं। प्रधानाचार्यों ने फर्जी तरह से चयनित हुए लोगों को कार्यभार तो बिना चयन बोर्ड के सत्यापन कराए ग्रहण करा दिया लेकिन अब उनका कहना है कि समायोजन सूची का सत्यापन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) के स्तर से किया जाना था। उनका कहना है कि फर्जी चयनित को नियुक्ति पत्र विद्यालय प्रबंधक ने जारी किया है तो मुकदमा प्रधानाचार्य क्यों दर्ज कराएं। इस मामले में अब तक 15 में से सात आरोपियों के खिलाफ ही केस दर्ज हो पाया है। पुलिस इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।
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जिले के छह स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने आरोपित शिक्षकों के विरूद्ध केस दर्ज नहीं कराया है। जिसमें भारतीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को तीन, वीपीएस इंटर कॉलेज रेहरा, वाल विद्या मंदिर, राम शंकर भारतीय इंटर कॉलेज, मोहन लाल रामलाल इंटर कॉलेज, स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज को एक- एक आरोपित शिक्षकों पर केस दर्ज कराना है। डीआईओएस की ओर से चेतावनी देने के बाद भी केस दर्ज नहीं कराया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद रामका कहना है कि केस दर्ज न कराने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पुन: केस दर्ज कराने के लिए चेतावनी दी गई है।
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