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Balrampur News: सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद
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बलरामपुर के झारखंडी मंदिर पर वटवृक्ष की पूजा अर्चना करती महिलाएं।-संवाद
बलरामपुर। सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए वट वृक्ष की पूजा की और रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद मांगा। वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस बार अमावस्या दोपहर 12:11 बजे शुरू हुई, जिसके बाद महिलाओं ने पूजा-अर्चना शुरू की।
झारखंडी मंदिर पर सुबह से ही स्नान कर नए परिधानों में सज-संवर कर व्रती महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। सुहागिनों ने वट सावित्री की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने सत्यवान-सावित्री की कथा सुनाई। इसके बाद सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष में कच्चासूत बांधकर परिक्रमा करते हुए अखंड सुहाग की कामना की।
ग्रामीण इलाकों में भी वट सावित्री का त्योहार श्रद्धा के साथ मनाया गया। वट वृक्ष के नीचे सुहागिनों ने पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने शुद्ध जल, रोली, कच्चा सूत, भिगोया हुआ चना, फूल, फल और धूप से पूजन किया। साथ ही मीठा पुआ भी चढ़ाया गया। वट पूजा के दौरान सुहागिन महिलाओं ने कच्चा धागा लपेटकर तीन बार परिक्रमा करके पति एवं पुत्र के दीर्घायु की कामना की।
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झारखंडी मंदिर पर सुबह से ही स्नान कर नए परिधानों में सज-संवर कर व्रती महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। सुहागिनों ने वट सावित्री की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने सत्यवान-सावित्री की कथा सुनाई। इसके बाद सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष में कच्चासूत बांधकर परिक्रमा करते हुए अखंड सुहाग की कामना की।
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ग्रामीण इलाकों में भी वट सावित्री का त्योहार श्रद्धा के साथ मनाया गया। वट वृक्ष के नीचे सुहागिनों ने पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने शुद्ध जल, रोली, कच्चा सूत, भिगोया हुआ चना, फूल, फल और धूप से पूजन किया। साथ ही मीठा पुआ भी चढ़ाया गया। वट पूजा के दौरान सुहागिन महिलाओं ने कच्चा धागा लपेटकर तीन बार परिक्रमा करके पति एवं पुत्र के दीर्घायु की कामना की।
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