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निजी स्कूलों के प्रबंधक/प्रधानाचार्य संघ ने सीएम को भेजा ज्ञापन
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बलरामपुर। कोरोना काल में निजी स्कूलों में आई समस्याओं का निराकरण कराने के लिए प्रबंधक/प्रधानाचार्य संघ की तरफ से गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 सूत्री ज्ञापन भेजा गया है। संघ की तरफ से समस्या निराकरण कराने की मांग की है।
संघ के डॉ. नितिन शर्मा, डॉ. एमपी तिवारी, अविनाश पांडेय, विनोद सिंह कलहंस, डॉ. पम्मी पांडेय, वीर गौरव सिंह, रमेश चंद्र त्रिपाठी, आकाश तिवारी, असलम शेर खान, सरदार मनजीत सिंह व डॉ. डीपी सिंह आदि ने सीएम को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान स्कूलों के अचानक बंद हो जाने से भारी नुकसान हुआ है।
निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य बेबस हो गए है। कोरोना महामारी के बावजूद प्रशासन की तरफ से नियमों का हवाला देकर वाहन आदि के लिए व्यवस्थाएं चाक चौबंद कराने का निर्देश दिया जा रहा है। इन लोगों ने सीएम से मांग किया है कि प्रबंध तंत्र की मदद की जाए। निजी स्कूलों में फीस भरने के लिए गाइड लाइन जारी की जाए।
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बिना निजी विद्यालय से निर्गत स्थानांतरण प्रमाण पत्र के सरकारी स्कूलों में प्रवेश न दिया जाए। सरकारी स्कूलों में प्रवेश के समय निजी विद्यालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाए। लॉकडाउन के समय का बिजली बिल माफ किया जाए। आने वाले एक वर्ष तक स्कूली वाहनों के फिटनेस व बीमा शुल्क माफ किए जाएं। आर्थिक मदद दी जाए जिससे स्कूलों में काम करने वाले कर्मचारियों को मानदेय भुगतान में दिक्कत न आए।
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संघ के डॉ. नितिन शर्मा, डॉ. एमपी तिवारी, अविनाश पांडेय, विनोद सिंह कलहंस, डॉ. पम्मी पांडेय, वीर गौरव सिंह, रमेश चंद्र त्रिपाठी, आकाश तिवारी, असलम शेर खान, सरदार मनजीत सिंह व डॉ. डीपी सिंह आदि ने सीएम को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान स्कूलों के अचानक बंद हो जाने से भारी नुकसान हुआ है।
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निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य बेबस हो गए है। कोरोना महामारी के बावजूद प्रशासन की तरफ से नियमों का हवाला देकर वाहन आदि के लिए व्यवस्थाएं चाक चौबंद कराने का निर्देश दिया जा रहा है। इन लोगों ने सीएम से मांग किया है कि प्रबंध तंत्र की मदद की जाए। निजी स्कूलों में फीस भरने के लिए गाइड लाइन जारी की जाए।
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बिना निजी विद्यालय से निर्गत स्थानांतरण प्रमाण पत्र के सरकारी स्कूलों में प्रवेश न दिया जाए। सरकारी स्कूलों में प्रवेश के समय निजी विद्यालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाए। लॉकडाउन के समय का बिजली बिल माफ किया जाए। आने वाले एक वर्ष तक स्कूली वाहनों के फिटनेस व बीमा शुल्क माफ किए जाएं। आर्थिक मदद दी जाए जिससे स्कूलों में काम करने वाले कर्मचारियों को मानदेय भुगतान में दिक्कत न आए।