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Balrampur News: मानदेय न मिलने से परेशानी बना परिवार का भरण पोषण
Thu, 07 Dec 2023 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 07 Dec 2023 11:18 PM IST
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बलरामपुर। राजकीय स्कूलों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को बीते 23 माह से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से इन कर्मचारियों के लिए खुद के साथ परिवार का भरण पोषण करना एक बड़ी चुनौती बना है। परेशानहाल कर्मियों ने अब डीएम को पत्र भेजकर मानदेय दिलवाए जाने की गुहार लगाई है।
आउटसोर्सिंग से रखे गए चतुर्थश्रेणी कर्मचारी राजेंद्र, संजय व दीनानाथ आदि का कहना है कि राजकीय स्कूलाें में प्रति माह दस हजार रुपये के मानदेय पर करीब 40 चतुर्थश्रेणी कर्मियों की तैनाती हुई थी। इतना कम मानदेय होने के बावजूद इस भुगतान नियमित तौर पर कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है। तैनाती के 25 माह बाद में से मात्र दो माह का ही मानदेय इन्हें अब तक मिला है। शेष 23 माह का मानदेय न मिलने के कारण इन कर्मियों के समक्ष अब परिवार का भरण पोषण करना भी बढ़ी चुनौती बना है।
कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में विभागीय अफसरों के समक्ष कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परेशान कर्मियों ने अब डीएम को पत्र भेजकर अपना लंबित मानदेय शीघ्र दिलवाने की मांग की है। इस संबंध में डीआईओएस गोविंद राम का कहना है कि संबंधित ठेकेदार फर्म से बातचीत कर इस परेशानी का निस्तारण कराया जा रहा है।
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आउटसोर्सिंग से रखे गए चतुर्थश्रेणी कर्मचारी राजेंद्र, संजय व दीनानाथ आदि का कहना है कि राजकीय स्कूलाें में प्रति माह दस हजार रुपये के मानदेय पर करीब 40 चतुर्थश्रेणी कर्मियों की तैनाती हुई थी। इतना कम मानदेय होने के बावजूद इस भुगतान नियमित तौर पर कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है। तैनाती के 25 माह बाद में से मात्र दो माह का ही मानदेय इन्हें अब तक मिला है। शेष 23 माह का मानदेय न मिलने के कारण इन कर्मियों के समक्ष अब परिवार का भरण पोषण करना भी बढ़ी चुनौती बना है।
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कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में विभागीय अफसरों के समक्ष कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परेशान कर्मियों ने अब डीएम को पत्र भेजकर अपना लंबित मानदेय शीघ्र दिलवाने की मांग की है। इस संबंध में डीआईओएस गोविंद राम का कहना है कि संबंधित ठेकेदार फर्म से बातचीत कर इस परेशानी का निस्तारण कराया जा रहा है।
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