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समाधान दिवस में भिड़े वकील-लेखपाल
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बलरामपुर। स्थानीय तहसील में भ्रष्टाचार के विरोध में 20 दिन से चल रहा वकीलों का आंदोलन शनिवार को जिला स्तरीय तहसील दिवस पर हंगामे में तब्दील हो गया। वकीलों के विरोध के बीच डीएम व एसपी तहसील सभागार में पहुंचे। यही नहीं लेखपालों ने फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखने शुरू किये तो वकील भड़क गए। उनमें तीखी नोकझोंक व झड़प हुई। हालांकि पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली। लेखपालों का आरोप है कि वकीलों ने एकजुट होकर उनकी पिटाई कर दी। लेखपालों ने डीएम व एसडीएम के साथ ही उतरौला कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर आरोपी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, वकील हाथापाई या मारपीट की घटना से इंकार कर रहे हैं। घटना से नाराज वकील व लेखपाल अलग-अलग आंदोलन करने लगे। ऐसे में समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने वहां से चुपचाप निकलना ही मुनासिब समझा।
विदित हो कि उतरौला तहसीलदार प्रमेश कुमार के खिलाफ स्थानीय अधिवक्ता संघ 20 दिन से आंदोलन कर रहा है। कुछ दिन पूर्व वकीलों ने तहसीलदार व उनके लिपिकों के ट्रांसफर की मांग को लेकर चक्काजाम भी किया था। तहसीलदार के खिलाफ वकीलों का क्रमिक अनशन शनिवार को भी जारी था। शनिवार को ही उतरौला तहसील में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन होना था। शुक्रवार को वकीलों ने समाधान दिवस के बहिष्कार की घोषणा की थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डीएम श्रुति तथा एसपी राजेश कुमार सक्सेना शनिवार को उतरौला तहसील पहुंचे। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए तहसील प्रशासन ने अधिकारियों को पीछे के दरवाजे से सभागार में प्रवेश कराया।
वकीलों के आंदोलन के चलते फरियादी नहीं पहुंच रहे थे। इसे लेकर प्रशासन बेचैन दिखा। इसी बीच सभागार के नीचे स्थानीय तहसील के लेखपालों ने फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखकर उन्हें अधिकारियों के पास भेजना शुरू किया। इसकी जानकारी होते ही वकील भड़क गए। वकीलों ने मौके पर पहुंचकर कहा कि अधिकांश फरियादी समाधान दिवस में लेखपाल व कानूनगो की ही शिकायत करते हैं। ऐसे में लेखपालों द्वारा फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखना उचित नहीं है।
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वकीलों के विरोध पर लेखपाल संघ के लोग भी उग्र हो गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक व नारेबाजी होने लगी। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की भी बात कही जा रही है। वकीलों ने लेखपालों को काउंटरों से भगा दिया। दोनों पक्षों के बीच अमर्यादित टिप्पणी शुरू हो गई। बीचबचाव करने पहुंचे एसडीएम संतोष ओझा को भी वकीलों व लेखपालों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर वहां से हटाया। मगर वकील धरने पर बैठ गए। इसी बीच दूसरी तरफ लेखपालों के समर्थन में राजस्व निरीक्षक, कलेक्ट्रेट कर्मचारी व राजस्व अमीन भी धरने पर बैठ गए। इस बीच जिला स्तरीय अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस की औपचारिकता निभाकर चले आए। पूरा समाधान दिवस विवाद की भेंट चढ़ गया। फरियादियों को मायूस लौटना पड़ा।
उतरौला तहसील में आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान लेखपालों ने स्थानीय अधिवक्ता संघ के सदस्यों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डीएम, एसडीएम तथा उतरौला कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ शाखा तहसील उतरौला के अध्यक्ष अभयचंद्र श्रीवास्तव तथा मंत्री मनोज कुमार यादव ने कहा है कि वे लोग शनिवार को अधिकारियों के आदेश पर समाधान दिवस के बाहर मेज लगाकर फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिख रहे थे। इसी बीच अधिवक्ता संघ उतरौला के कई वकील एकजुट होकर पहुंच गए। इन लोगों ने लिखे गये प्रार्थनापत्र छीनकर फाड़ दिये।
वकीलों ने लेखपाल दिनेश कुमार व बृजेश सिंह आदि के साथ गाली-गालौज करते हुए पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद अधिकारियों व पुलिस ने बीचबचाव कराया तो वकील जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। यही नहीं गैड़ास बुजुर्ग के लेखपाल ने भी तहरीर देकर वकीलों पर प्रार्थनापत्र फाड़ने, पीटने व सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया है। लेखपालों ने अधिकारियों तथा पुलिस से मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
बार एसोसिएशन उतरौला के महामंत्री अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को वकील बीते दिनों की भांति संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर भी तहसीलदार प्रमेश कुमार के खिलाफ आंदोलन कर विरोध जता रहे थे। इसी बीच लेखपालों ने फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखकर वकीलों को चुनौती दी। वकीलों पर लगाया जा रहा मारपीट का आरोप पूरी तरह से निराधार है। वकीलों ने संपूर्ण समाधान दिवस के बीच ज्ञापन देकर भ्रष्ट तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग डीएम से की है।
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विदित हो कि उतरौला तहसीलदार प्रमेश कुमार के खिलाफ स्थानीय अधिवक्ता संघ 20 दिन से आंदोलन कर रहा है। कुछ दिन पूर्व वकीलों ने तहसीलदार व उनके लिपिकों के ट्रांसफर की मांग को लेकर चक्काजाम भी किया था। तहसीलदार के खिलाफ वकीलों का क्रमिक अनशन शनिवार को भी जारी था। शनिवार को ही उतरौला तहसील में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन होना था। शुक्रवार को वकीलों ने समाधान दिवस के बहिष्कार की घोषणा की थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डीएम श्रुति तथा एसपी राजेश कुमार सक्सेना शनिवार को उतरौला तहसील पहुंचे। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए तहसील प्रशासन ने अधिकारियों को पीछे के दरवाजे से सभागार में प्रवेश कराया।
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वकीलों के आंदोलन के चलते फरियादी नहीं पहुंच रहे थे। इसे लेकर प्रशासन बेचैन दिखा। इसी बीच सभागार के नीचे स्थानीय तहसील के लेखपालों ने फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखकर उन्हें अधिकारियों के पास भेजना शुरू किया। इसकी जानकारी होते ही वकील भड़क गए। वकीलों ने मौके पर पहुंचकर कहा कि अधिकांश फरियादी समाधान दिवस में लेखपाल व कानूनगो की ही शिकायत करते हैं। ऐसे में लेखपालों द्वारा फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखना उचित नहीं है।
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वकीलों के विरोध पर लेखपाल संघ के लोग भी उग्र हो गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक व नारेबाजी होने लगी। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की भी बात कही जा रही है। वकीलों ने लेखपालों को काउंटरों से भगा दिया। दोनों पक्षों के बीच अमर्यादित टिप्पणी शुरू हो गई। बीचबचाव करने पहुंचे एसडीएम संतोष ओझा को भी वकीलों व लेखपालों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर वहां से हटाया। मगर वकील धरने पर बैठ गए। इसी बीच दूसरी तरफ लेखपालों के समर्थन में राजस्व निरीक्षक, कलेक्ट्रेट कर्मचारी व राजस्व अमीन भी धरने पर बैठ गए। इस बीच जिला स्तरीय अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस की औपचारिकता निभाकर चले आए। पूरा समाधान दिवस विवाद की भेंट चढ़ गया। फरियादियों को मायूस लौटना पड़ा।
उतरौला तहसील में आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान लेखपालों ने स्थानीय अधिवक्ता संघ के सदस्यों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डीएम, एसडीएम तथा उतरौला कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ शाखा तहसील उतरौला के अध्यक्ष अभयचंद्र श्रीवास्तव तथा मंत्री मनोज कुमार यादव ने कहा है कि वे लोग शनिवार को अधिकारियों के आदेश पर समाधान दिवस के बाहर मेज लगाकर फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिख रहे थे। इसी बीच अधिवक्ता संघ उतरौला के कई वकील एकजुट होकर पहुंच गए। इन लोगों ने लिखे गये प्रार्थनापत्र छीनकर फाड़ दिये।
वकीलों ने लेखपाल दिनेश कुमार व बृजेश सिंह आदि के साथ गाली-गालौज करते हुए पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद अधिकारियों व पुलिस ने बीचबचाव कराया तो वकील जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। यही नहीं गैड़ास बुजुर्ग के लेखपाल ने भी तहरीर देकर वकीलों पर प्रार्थनापत्र फाड़ने, पीटने व सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया है। लेखपालों ने अधिकारियों तथा पुलिस से मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
बार एसोसिएशन उतरौला के महामंत्री अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को वकील बीते दिनों की भांति संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर भी तहसीलदार प्रमेश कुमार के खिलाफ आंदोलन कर विरोध जता रहे थे। इसी बीच लेखपालों ने फरियादियों के प्रार्थनापत्र लिखकर वकीलों को चुनौती दी। वकीलों पर लगाया जा रहा मारपीट का आरोप पूरी तरह से निराधार है। वकीलों ने संपूर्ण समाधान दिवस के बीच ज्ञापन देकर भ्रष्ट तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग डीएम से की है।