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निजामुद्दीन की मौत से अनाथ हो गया हंसता खेलता परिवार
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बलरामपुर के पिडिया बुजुर्ग गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात करते वरिष्ठ चिकित्सक व सपा नेता डॉ.
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। बहराईच दरगाह से जियारत करने गए निजामुद्दीन का हंसता-खेलता परिवार दुर्घटना में अनाथ हो गया है। हादसे में निजामुद्दीन की मां व बेटी भी असमय काल के गाल में समा गई। इसके अलावा गांव के दो अन्य लोग भी हादसे में मारे गए हैं। तीन अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पीड़िया बुजुर्ग गांव में कोहराम मच गया है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के पिडिया बुजुर्ग निवासी निजामुद्दीन (45) अपनी मां किताबुन्निशा (71) व बेटी रुबीना (22) गांव की साफिया (55), परवीन (23), सायरा बानो (45), आसमा (25) व बसीउद्दीन (24) लोगों के साथ टैंपो बुक कराकर शुक्रवार सुबह गांव से बहराइच दरगाह जियारत करने गए थे।
शनिवार भोर में वापस लौटते समय टैंपों श्रावस्ती जनपद के इकौना में नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में निजामुद्दीन, किताबुन्निशा, रुबीना, साफिया तथा परवीन की मौत हो गई।
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सायरा बानो, आसमा तथा बसीउद्दीन को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। निजामुद्दीन का परिवार उनकी मौत से अनाथ हो गया है। परिवार जर्जर टीन शेड में रहता है। निजामुद्दीन अपने पीछे पत्नी, दो बेटी तथा दो बेटों को छोड़ गए है। निजामुद्दीन ही मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतका साफिया भी अपने परिवार के लिए गांव में मेहनत-मजदूरी करती थी। हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। उतरौला के वरिष्ठ चिकित्सक व सपा नेता डॉ. एहसान ने पीड़िया बुजुर्ग गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों तथा घायलों के परिजनों को यथोचित सहायता भी उपलब्ध कराई।
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उतरौला कोतवाली क्षेत्र के पिडिया बुजुर्ग निवासी निजामुद्दीन (45) अपनी मां किताबुन्निशा (71) व बेटी रुबीना (22) गांव की साफिया (55), परवीन (23), सायरा बानो (45), आसमा (25) व बसीउद्दीन (24) लोगों के साथ टैंपो बुक कराकर शुक्रवार सुबह गांव से बहराइच दरगाह जियारत करने गए थे।
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शनिवार भोर में वापस लौटते समय टैंपों श्रावस्ती जनपद के इकौना में नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में निजामुद्दीन, किताबुन्निशा, रुबीना, साफिया तथा परवीन की मौत हो गई।
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सायरा बानो, आसमा तथा बसीउद्दीन को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। निजामुद्दीन का परिवार उनकी मौत से अनाथ हो गया है। परिवार जर्जर टीन शेड में रहता है। निजामुद्दीन अपने पीछे पत्नी, दो बेटी तथा दो बेटों को छोड़ गए है। निजामुद्दीन ही मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतका साफिया भी अपने परिवार के लिए गांव में मेहनत-मजदूरी करती थी। हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। उतरौला के वरिष्ठ चिकित्सक व सपा नेता डॉ. एहसान ने पीड़िया बुजुर्ग गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों तथा घायलों के परिजनों को यथोचित सहायता भी उपलब्ध कराई।