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Balrampur News: 1990 में सभासद रहे कासिम बने थे चेयरमैन

Mon, 17 Apr 2023 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Mon, 17 Apr 2023 12:08 AM IST
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Kasim, who was a member in 1990, became the chairman
बलरामपुर। नगर पालिका चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही पूर्व चेयरमैन रहे 74 वर्षीय कासिम अली को वर्ष 1990 में अध्यक्ष की कुर्सी के लिए हुई रस्साकसी याद आ जाती है। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर तुलसी पार्क वार्ड से सभासद रहे कासिम अली को नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठा दिया गया था।
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पूर्व चेयरमैन वर्तमान समय में नई बस्ती मोहल्ले में जनरल स्टोर की दुकान चलाते हैं। वे रविवार को सभासद से अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने के लिए हुई जद्दोजहद को बयां करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि पहले नगर पालिका को कोई विशेष बजट नहीं मिलता था। लोग अध्यक्ष पद नाम के लिए संघर्ष करते थे, लेकिन आज उल्टा है। अब बजट को देखते हुए प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं और चुनाव में पानी की तरह पैसा बहाते हैं।
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13 सभासद लाए थे अविश्वास प्रस्ताव
11 साल तक प्रशासक नियुक्त रहने के बाद 1988 में नगर पालिका परिषद बलरामपुर का चुनाव हुआ था। नगर क्षेत्र के 17 वार्ड में करीब 35 हजार मतदाता थे। इस चुनाव में मतदाताओं ने एमएलके महाविद्यालय में प्रवक्ता रहे निर्दल प्रत्याशी बृजेंद्र बहादुर सिंह को अध्यक्ष बनाया था। करीब डेढ़ साल बाद अध्यक्ष के व्यवहार से क्षुब्ध होकर 13 सभासदों (11 वार्ड व दो नामित) ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया।
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रघुवंशनाथ को अध्यक्ष बनाना चाहते थे भाजपा नेता
अविश्वास प्रस्ताव आने पर भाजपा से पूर्व मंत्री रहे एक नेता सभासदों के साथ मिलकर वेजबोर्ड में कनिष्ठ उपाध्यक्ष रहे रघुवंशनाथ दुबे को अध्यक्ष बनाना चाहते थे। उन्हें कुर्सी पर बैठाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, जबकि वेजबोर्ड का वरिष्ठ उपाध्यक्ष मैं था। अध्यक्ष के हटने पर नियमत: मुझे अध्यक्ष की कुर्सी मिलनी थी। अविश्वास प्रस्ताव के दूसरे दिन दोपहर 12 बजे अन्य सभासदों के साथ मैं कार्यालय पहुंचा और स्वयं को अध्यक्ष बनाने की बात कही। इस पर दूसरा पक्ष जोर जबरदस्ती करने लगा। धीरे-धीरे नगर पालिका कार्यालय पर हजारों लोग पहुंच गए। तत्कालीन ईओ राजपाल मलिक ने नियमत: मेरा समर्थन करते हुए कनिष्ठ उपाध्यक्ष को अध्यक्ष बनाने से इंकार कर दिया। ईओ की सजगता से मैं तुलसी पार्क वार्ड का सभासद रहते हुए बलरामपुर का चेयरमैन बन गया था।
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