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रामानुजगंज: कन्हर नदी में उफान, एनीकट से जोखिम भरा सफर जारी, जान की परवाह किए बिना सैकड़ों लोग करते रहे आवागमन
Sun, 21 Sep 2025 05:49 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 21 Sep 2025 05:49 PM IST
सार
बीते दिनों हुई लगातार बारिश के चलते कन्हर नदी का जलस्तर अभी भी ऊंचाई पर बना हुआ है। रामानुजगंज स्थित एनीकट से पानी अब भी ऊपर से बह रहा है, बावजूद इसके रविवार को सैकड़ों लोगों ने जान की परवाह किए बिना इसी एनीकट से आवागमन किया।
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एनीकट से जोखिम भरा सफर जारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीते दिनों हुई लगातार बारिश के चलते कन्हर नदी का जलस्तर अभी भी ऊंचाई पर बना हुआ है। रामानुजगंज स्थित एनीकट से पानी अब भी ऊपर से बह रहा है, बावजूद इसके रविवार को सैकड़ों लोगों ने जान की परवाह किए बिना इसी एनीकट से आवागमन किया। लोग छत्तीसगढ़ से झारखंड और झारखंड से छत्तीसगढ़ की ओर आने-जाने के लिए जोखिम उठाते रहे।
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विदित हो कि रविवार को रामानुजगंज का सबसे बड़ा साप्ताहिक बाजार लगता है, वहीं झारखंड के सीमावर्ती ग्राम गोदारमना में भी साप्ताहिक बाजार आयोजित होता है। इन दोनों राज्यों को जोड़ने वाली दूरी एनीकट के रास्ते मात्र 500 मीटर ही रह जाती है, इस कारण लोग बारिश और खतरे की परवाह किए बिना एनीकट से ही आना-जाना करते हैं।
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भीगते-पिसलते रहे, फिर भी नहीं रुका सफर
दिनभर लोगों की भारी भीड़ एनीकट पर देखी गई। कई बार लोग फिसलते-फिसलते बचे, लेकिन किसी ने भी रास्ता बदलने का विचार नहीं किया। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी इस जोखिम भरे रास्ते से गुजरते नजर आए।
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हाथ में हाथ डालकर बना रहे थे 'जिंदगी की चेन'
गिरने से बचने के लिए लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर झुंड में चल रहे थे। पानी की तेज धार और फिसलन के बावजूद लोग बेपरवाह होकर रास्ता पार करते रहे। प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखाई दी, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रही। स्थानीय लोगों की मांग है कि बरसात के मौसम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।