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Balrampur News: डेढ़ करोड़ से संवरेगा जोड़ग्गा शिव मंदिर
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तुलसीपुर देहात स्थित प्राचीन जोड़ग्गा पोखरा शिव मंदिर ।-संवाद
तुलसीपुर। नगर सीमा क्षेत्र तुलसीपुर देहात स्थित प्राचीन जोड़ग्गा पोखरा शिव मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। इस ऐतिहासिक मंदिर एवं परिसर के विकास के लिए पर्यटन विभाग ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। संबंधित विभाग जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर कार्य शुरू कराएगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अफरोज अहमद ने बताया कि पर्यटन विभाग से इस योजना को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की गई। मंदिर के समीप स्थित जोड़ग्गा पोखरा भी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखता है। यह पोखरा धार्मिक आस्था का केंद्र है। आसपास के दर्जनों गांवों के लोग पूजा, प्रतिष्ठा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए यहां पहुंचते हैं।
सावन, कजरीतीज व महाशिवरात्रि पर लगता है भव्य मेला
प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। सावन माह, कजरी तीज और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है। इन अवसरों पर दूर-दराज से श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मान्यता के अनुसार मंदिर का निर्माण तुलसीपुर के राजा दान बहादुर ने कराया था। मंदिर के पुजारी रामनेग गिरि ने बताया कि उनके पूर्वज यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
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नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अफरोज अहमद ने बताया कि पर्यटन विभाग से इस योजना को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की गई। मंदिर के समीप स्थित जोड़ग्गा पोखरा भी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखता है। यह पोखरा धार्मिक आस्था का केंद्र है। आसपास के दर्जनों गांवों के लोग पूजा, प्रतिष्ठा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए यहां पहुंचते हैं।
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सावन, कजरीतीज व महाशिवरात्रि पर लगता है भव्य मेला
प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। सावन माह, कजरी तीज और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है। इन अवसरों पर दूर-दराज से श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मान्यता के अनुसार मंदिर का निर्माण तुलसीपुर के राजा दान बहादुर ने कराया था। मंदिर के पुजारी रामनेग गिरि ने बताया कि उनके पूर्वज यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
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