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Balrampur News: मानदेय भुगतान में गड़बड़ी की जांच शुरू
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बलरामपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात आयुष्मान मित्रों के मानदेय भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। सेवा प्रदाता संस्था अवनि परिधि पर निर्धारित दर से कम भुगतान करने का आरोप है। ऐसे में सेवा प्रदाता से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
तीन जिला अस्पतालों व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 12 आयुष्मान मित्र तैनात हैं। ये लोग आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाते हैं। कार्यदायी संस्था अवनि परिधि से नियुक्त इन कर्मचारियों को मानदेय देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिमाह दस हजार रुपये संस्था को भुगतान करता है। मगर कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें सिर्फ 5,700 रुपये ही भुगतान होता है। शेष रकम ईपीएफ, ईएसआई व सर्विस चार्ज के नाम पर काट ली जाती है।
कार्यदायी संस्था आयुष्मान मित्रों के मानदेय से सर्विस चार्ज केे नाम पर प्रतिमाह साढ़े सात प्रतिशत कटौती करती है। जबकि विभागीय नियम के अनुसार इसमें सिर्फ साढ़े चार प्रतिशत की कटौती होनी चाहिए। इसी शिकायत पर चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है।
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जांच समिति में शामिल वरिष्ठ कोषाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि दस हजार रुपये तक मानदेय पाने वालों से सिर्फ साढ़े चार प्रतिशत की कटौती होनी चाहिए। कार्यदायी संस्था प्रदेश स्तर पर हुई निविदा में 7.5 प्रतिशत कटौती का विवरण लिखा होने की बात कह रही है। अन्य जनपदों में काम करने वाले आयुष्मान मित्रों की कटौती का विवरण मंगाया गया है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम मामले की जांच कर रही है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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तीन जिला अस्पतालों व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 12 आयुष्मान मित्र तैनात हैं। ये लोग आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाते हैं। कार्यदायी संस्था अवनि परिधि से नियुक्त इन कर्मचारियों को मानदेय देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिमाह दस हजार रुपये संस्था को भुगतान करता है। मगर कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें सिर्फ 5,700 रुपये ही भुगतान होता है। शेष रकम ईपीएफ, ईएसआई व सर्विस चार्ज के नाम पर काट ली जाती है।
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कार्यदायी संस्था आयुष्मान मित्रों के मानदेय से सर्विस चार्ज केे नाम पर प्रतिमाह साढ़े सात प्रतिशत कटौती करती है। जबकि विभागीय नियम के अनुसार इसमें सिर्फ साढ़े चार प्रतिशत की कटौती होनी चाहिए। इसी शिकायत पर चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है।
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जांच समिति में शामिल वरिष्ठ कोषाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि दस हजार रुपये तक मानदेय पाने वालों से सिर्फ साढ़े चार प्रतिशत की कटौती होनी चाहिए। कार्यदायी संस्था प्रदेश स्तर पर हुई निविदा में 7.5 प्रतिशत कटौती का विवरण लिखा होने की बात कह रही है। अन्य जनपदों में काम करने वाले आयुष्मान मित्रों की कटौती का विवरण मंगाया गया है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम मामले की जांच कर रही है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।