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आठ कार्यदाई संस्थाओं पर जांच का शिकंजा
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बलरामपुर। जिले की परियोजनाओं पर कार्य करने वाली आठ कार्यदायी संस्थाओं पर जांच का शिकंजा कसा गया है। सड़कों को छोड़कर 50 लाख से अधिक लागत की 331.26 करोड़ की 87 परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में खामियों की आशंका जताई जा रही है। तीन-तीन सदस्यीय 14 टेक्निकल टीमें कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्यों की जांच करेंगी। 16 मार्च तक सभी टीमों को निर्माण कार्यों की जांच पूरा करने की चुनौती है।
डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में शासन स्तर से आठ कार्यदायी संस्थाओं को 331.26 करोड़ रुपये की 87 परियोजनाओं के निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया। सभी संस्थाएं जनवरी 2020 तक शासन स्तर से अवमुक्त धनराशि 208.65 करोड़ रुपये की तुलना में 182.65 करोड़ रुपये परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर खर्च कर चुकी हैं।
शासन स्तर से सीएंडडीएस को 18 परियोजनाओं पर 80.07 करोड़ की तुलना में 60.59 करोड़ रुपये, ग्रामीण अभियंत्रण को छह परियोजनाओं पर 4.19 करोड़ की तुलना में 3.35 करोड़, राजकीय निर्माण निगम को छह परियोजनाओं पर 59.00 करोड़ की तुलना में 51.03 करोड़, जलनिगम को 26 परियोजनाओं पर 65.96 करोड़ की तुलना में 36.90 करोड़, यूपी सिडको को नौ परियोजनाओं पर 26.94 करोड़ की तुलना में 19.94 करोड़, यूपी आरएनएसएस को सात परियोजनाओं पर 52.88 करोड़ की तुलना में 8.74 करोड़, यूपी पीसीएल को छह परियोजनाओं पर 16.82 करोड़ की तुलना में 16.62 करोड़ और यूपी सीएलडीएफ को नौ परियोजनाओं पर 25.41 करोड़ की तुलना में 11.49 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई गई है।
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जनवरी 2020 तक सीएंडडीएस ने 51.45 करोड़, ग्रामीण अभियंत्रण ने 2.39 करोड़, राजकीय निर्माण निगम ने 49.10 करोड़, जलनिगम ने 36.85 करोड़, यूपी सिडको ने 15.01 करोड़, यूपी आरएनएसएस ने 6.64 करोड़, यूपी पीसीएल ने 16.21 करोड़ और यूपी सीएलडीएफ ने 5.10 करोड़ रुपये परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर खर्च कर दिया है।
आयुक्त के निरीक्षण में मिली थीं खामियां
मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा महेंद्र कुमार के निर्देश पर 28 फरवरी को देहात कोतवाली में कार्यदायी संस्था वर्तमान नाम यूपी सिडको व पूर्व का नाम उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम के एई, जेई व ठेकेदार के खिलाफ घटिया निर्माण के चलते केस दर्ज कराया गया है। विकास भवन परिसर की बाउंड्रीवाल से सटी जमीन में कार्यदायी संस्था की तरफ से सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास दफ्तर व विश्राम गृह के भवन का एक करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व निर्धारित अवधि में कार्य पूरा कराने की चुनौतियों के मद्देनजर सड़कों को छोड़कर 50 लाख से अधिक लागत वाली आठ कार्यदायी संस्थाओं की 67 परियोजनाओं की जांच तीन-तीन सदस्य वाली 14 टेक्निकल टीमों से कराई जा रही है। एक्सईएन के साथ जिला स्तरीय अफसरों व सहायक अभियंताओं को टीमों में शामिल किया गया है। 16 मार्च तक सभी टीमों को जांच रिपोर्ट डीएसटीओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। -कृष्णा करुणेश, डीएम
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डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में शासन स्तर से आठ कार्यदायी संस्थाओं को 331.26 करोड़ रुपये की 87 परियोजनाओं के निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया। सभी संस्थाएं जनवरी 2020 तक शासन स्तर से अवमुक्त धनराशि 208.65 करोड़ रुपये की तुलना में 182.65 करोड़ रुपये परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर खर्च कर चुकी हैं।
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शासन स्तर से सीएंडडीएस को 18 परियोजनाओं पर 80.07 करोड़ की तुलना में 60.59 करोड़ रुपये, ग्रामीण अभियंत्रण को छह परियोजनाओं पर 4.19 करोड़ की तुलना में 3.35 करोड़, राजकीय निर्माण निगम को छह परियोजनाओं पर 59.00 करोड़ की तुलना में 51.03 करोड़, जलनिगम को 26 परियोजनाओं पर 65.96 करोड़ की तुलना में 36.90 करोड़, यूपी सिडको को नौ परियोजनाओं पर 26.94 करोड़ की तुलना में 19.94 करोड़, यूपी आरएनएसएस को सात परियोजनाओं पर 52.88 करोड़ की तुलना में 8.74 करोड़, यूपी पीसीएल को छह परियोजनाओं पर 16.82 करोड़ की तुलना में 16.62 करोड़ और यूपी सीएलडीएफ को नौ परियोजनाओं पर 25.41 करोड़ की तुलना में 11.49 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई गई है।
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जनवरी 2020 तक सीएंडडीएस ने 51.45 करोड़, ग्रामीण अभियंत्रण ने 2.39 करोड़, राजकीय निर्माण निगम ने 49.10 करोड़, जलनिगम ने 36.85 करोड़, यूपी सिडको ने 15.01 करोड़, यूपी आरएनएसएस ने 6.64 करोड़, यूपी पीसीएल ने 16.21 करोड़ और यूपी सीएलडीएफ ने 5.10 करोड़ रुपये परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर खर्च कर दिया है।
आयुक्त के निरीक्षण में मिली थीं खामियां
मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा महेंद्र कुमार के निर्देश पर 28 फरवरी को देहात कोतवाली में कार्यदायी संस्था वर्तमान नाम यूपी सिडको व पूर्व का नाम उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम के एई, जेई व ठेकेदार के खिलाफ घटिया निर्माण के चलते केस दर्ज कराया गया है। विकास भवन परिसर की बाउंड्रीवाल से सटी जमीन में कार्यदायी संस्था की तरफ से सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास दफ्तर व विश्राम गृह के भवन का एक करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व निर्धारित अवधि में कार्य पूरा कराने की चुनौतियों के मद्देनजर सड़कों को छोड़कर 50 लाख से अधिक लागत वाली आठ कार्यदायी संस्थाओं की 67 परियोजनाओं की जांच तीन-तीन सदस्य वाली 14 टेक्निकल टीमों से कराई जा रही है। एक्सईएन के साथ जिला स्तरीय अफसरों व सहायक अभियंताओं को टीमों में शामिल किया गया है। 16 मार्च तक सभी टीमों को जांच रिपोर्ट डीएसटीओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। -कृष्णा करुणेश, डीएम