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ात्रों की जगह अपात्रों को मिला योजनाओं का लाभ
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गैसड़ी (बलरामपुर)। स्थानीय विकास खंड की ग्राम पंचायत बिजुलिया भरिया में गरीबों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों की जगह अपात्रों को मिल रहा है। यह आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान की उपेक्षा के कारण वह लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
ग्रामीण लालबाबू, भागीरथ, जगन्नाथ, बद्रीप्रसाद, शांती देवी व कोयला आदि ने बताया कि पिछले पांच सालों से गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। कागजों में ही विकास के पैसे खर्च किया गया है।
सड़क, नाली, खड़ंजा का निर्माण नहीं हुआ। गांव में लगे 15 इंडिया मार्का हदंडपंप में से 12 खराब हैं। हैंडपंपों के रिबोर व मरम्मत के नाम पर तमाम धन खर्च किया गया है। गांव की सड़कों पर पैदल चलना दूभर है। सरकारी आवास का लाभ अपात्रों को दिया गया है।
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गरीब तथा पात्र व्यक्तियों को पेंशन नहीं मिल रही है। पात्रों को कोटे का राशन भी नहीं मिल रही है। गरीब सरकारी आवास न मिलने के कारण छप्पर के ऊपर प्लास्टिक डालकर जीवन यापन कर रहे हैं। इन लोगों ने डीएम से गांव में पिछले पांच सालों से कराए गए विकास कार्यों की स्थलीय सत्यापन तथा खर्च किए गए सरकारी धन की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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ग्रामीण लालबाबू, भागीरथ, जगन्नाथ, बद्रीप्रसाद, शांती देवी व कोयला आदि ने बताया कि पिछले पांच सालों से गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। कागजों में ही विकास के पैसे खर्च किया गया है।
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सड़क, नाली, खड़ंजा का निर्माण नहीं हुआ। गांव में लगे 15 इंडिया मार्का हदंडपंप में से 12 खराब हैं। हैंडपंपों के रिबोर व मरम्मत के नाम पर तमाम धन खर्च किया गया है। गांव की सड़कों पर पैदल चलना दूभर है। सरकारी आवास का लाभ अपात्रों को दिया गया है।
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गरीब तथा पात्र व्यक्तियों को पेंशन नहीं मिल रही है। पात्रों को कोटे का राशन भी नहीं मिल रही है। गरीब सरकारी आवास न मिलने के कारण छप्पर के ऊपर प्लास्टिक डालकर जीवन यापन कर रहे हैं। इन लोगों ने डीएम से गांव में पिछले पांच सालों से कराए गए विकास कार्यों की स्थलीय सत्यापन तथा खर्च किए गए सरकारी धन की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।