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बालू के अवैध खनन का खेल, माफिया पास अफसर फेल
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बलरामपुर में रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्राली से अवैध बालू खनन कर ले जाई जा रही बालू।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। सरकार की तमाम कवायदों के बावजूद बालू के अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले के कई थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से खनन किया जा रहा है। रात होते ही सफेद रेत का काला कारोबार शुरू हो जाता है। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॅालियां इस अवैध कारोबार में लगी हुई हैं। इस गोरखधंधे पर अंकुश लगाने में पुलिस पूरी तरह असफल है।
जिले के पहाड़ी नालों में बालू का अवैध खनन रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं। सोहेलवा वन्य जीव क्षेत्र से गुजरने के कारण पहाड़ी नालों में अवैध खनन करना प्रतिबंधित है। सरकार के निर्देश व प्रतिबंध के बावजूद पहाड़ी नालों में बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। राप्ती नदी में भी जगह-जगह खनन हो रहा है। शाम होते ही ट्रैक्टर-ट्रालियां नदी व पहाड़ी नालों में उतर जाती हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रालियों व बैलगाड़ियों में बालू भरकर ठिकाने लगाया जाता है।
पुलिस की गश्त व यूपी-112 की गाड़ियां घूमने के बावजूद बालू का अवैध खनन होने से पुलिस प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में है। लोगों का कहना है कि रसूखदार तथा प्रशासन के ही तमाम लोग रेत माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। रेत माफिया अवैध ढंग से बालू का खनन करके जहां मालामाल हो रहे हैं, वहीं मंहगे दाम पर बालू बिकने के कारण लोगों को घर बनाने में दिक्कत हो रही है। हरैया सतघरवा, महराजगंज तराई, गैसड़ी व पचपेड़वा थाना क्षेत्र में बालू खनन का अवैध कारोबार सबसे अधिक हो रहा है। यहां रेत माफिया पर शिकंजा कसने में प्रशासन पूरी तरह फेल है।
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बालू खनन की निविदा में दिलचस्पी नहीं ले रहे ठेकेदार
जिले में सफेद रेत के अवैध कारोबार के चलते बालू खनन के लिए होने वाली निविदा के प्रति ठेकेदार दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। चार खनन स्थलों के लिए बीते दिनों ई-टेडरिंग के जरिए निविदा कराई गई। निविदा में आठ बोली दाता शामिल हुए। लैबुड़वा प्रथम के लिए जहां सात ठेकेदारों ने बोली में भाग लिया वहीं लैबुड़वा द्वितीय के लिए सिर्फ एक ही बोली लगाई गई। आह्लादनगर व जैतापुर खनन स्थलों की निविदा में किसी ने रुचि ही नहीं ली। लैबुड़वा द्वितीय में एकल बोली के चलते जहां निविदा निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है वहीं आह्लादनगर व जैतापुर में फिर से निविदा कराने की तैयारी प्रशासन कर रहा है।
जिले में बालू का अवैध खनन रोकने के लिए खनन विभाग, पुलिस तथा एसएसबी द्वारा लगातार धर पकड़ की जा रही है। अवैध खनन करने वालों से भारी जुर्माना वसूला जा रहा है। संबंधित विभागों को लगातार छापा मारकर बालू का अवैध खनन रोकने का निर्देश दिया गया है। -कृष्णा करुणेश, डीएम बलरामपुर
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जिले के पहाड़ी नालों में बालू का अवैध खनन रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं। सोहेलवा वन्य जीव क्षेत्र से गुजरने के कारण पहाड़ी नालों में अवैध खनन करना प्रतिबंधित है। सरकार के निर्देश व प्रतिबंध के बावजूद पहाड़ी नालों में बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। राप्ती नदी में भी जगह-जगह खनन हो रहा है। शाम होते ही ट्रैक्टर-ट्रालियां नदी व पहाड़ी नालों में उतर जाती हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रालियों व बैलगाड़ियों में बालू भरकर ठिकाने लगाया जाता है।
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पुलिस की गश्त व यूपी-112 की गाड़ियां घूमने के बावजूद बालू का अवैध खनन होने से पुलिस प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में है। लोगों का कहना है कि रसूखदार तथा प्रशासन के ही तमाम लोग रेत माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। रेत माफिया अवैध ढंग से बालू का खनन करके जहां मालामाल हो रहे हैं, वहीं मंहगे दाम पर बालू बिकने के कारण लोगों को घर बनाने में दिक्कत हो रही है। हरैया सतघरवा, महराजगंज तराई, गैसड़ी व पचपेड़वा थाना क्षेत्र में बालू खनन का अवैध कारोबार सबसे अधिक हो रहा है। यहां रेत माफिया पर शिकंजा कसने में प्रशासन पूरी तरह फेल है।
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बालू खनन की निविदा में दिलचस्पी नहीं ले रहे ठेकेदार
जिले में सफेद रेत के अवैध कारोबार के चलते बालू खनन के लिए होने वाली निविदा के प्रति ठेकेदार दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। चार खनन स्थलों के लिए बीते दिनों ई-टेडरिंग के जरिए निविदा कराई गई। निविदा में आठ बोली दाता शामिल हुए। लैबुड़वा प्रथम के लिए जहां सात ठेकेदारों ने बोली में भाग लिया वहीं लैबुड़वा द्वितीय के लिए सिर्फ एक ही बोली लगाई गई। आह्लादनगर व जैतापुर खनन स्थलों की निविदा में किसी ने रुचि ही नहीं ली। लैबुड़वा द्वितीय में एकल बोली के चलते जहां निविदा निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है वहीं आह्लादनगर व जैतापुर में फिर से निविदा कराने की तैयारी प्रशासन कर रहा है।
जिले में बालू का अवैध खनन रोकने के लिए खनन विभाग, पुलिस तथा एसएसबी द्वारा लगातार धर पकड़ की जा रही है। अवैध खनन करने वालों से भारी जुर्माना वसूला जा रहा है। संबंधित विभागों को लगातार छापा मारकर बालू का अवैध खनन रोकने का निर्देश दिया गया है। -कृष्णा करुणेश, डीएम बलरामपुर