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Balrampur News: जन्म प्रमाण पत्र है बनवाना तो चार दिन बाद आना
Tue, 12 May 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 12 May 2026 11:25 PM IST
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फोटो-3-बलरामपुर के महिला अस्पताल में बंद पड़ा कक्ष ।-संवाद
बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की समस्या कम नहीं हो पा रही है। फाइलों के बढ़ते बोझ से जहां देरी हो रही हैं, वहीं अब पटल बाबू चार दिन के अवकाश पर चले गए हैं। जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष बंद होने से लोग निराश लौट रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल स्थित सीएमएस कार्यालय के कमरा नंबर चार में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व प्रमाण पत्र का काम होता है। जन्म प्रमाण पत्र पटल पर अवधेश कार्यरत हैं। अवधेश घरेलू कार्यों के लिए छुट्टी पर चले गए हैं। मंगलवार को महिला अस्पताल में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष पर बाहर से ताला लगा हुआ था। कुछ अभिभावक बेंच पर बैठकर इंतजार करते दिखे। कर्मचारियों से पूछने पर पता चला कि वह चार दिनों तक अवकाश पर रहेंगे। खैराकोट गांव के परशुराम ने बताया कि अपने दो पौत्र का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना था, इसलिए आए थे। कक्ष पर ताला लगा है। कर्मचारी चार दिन बाद आने की बात कह रहे हैं। इसी तरह किशन व विमला भी बेंच पर बैठकर इंतजार करती दिखीं। कुछ अभिभावक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन पत्र गुणवत्ता प्रबंधक के कमरे में जमा कर रहे थे। महिला अस्पताल में वैसे ही फाइलें ज्यादा लंबित हो गई हैं, अब चार दिनों तक काम न होने से और दबाव बढ़ जाएगा। सीएमएस डॉ. राजकुमार ने बताया कि पटल सहायक अवधेश कुछ आवश्यक कार्य के लिए तीन दिनों तक अवकाश पर रहेंगे। लंबित फाइलों का उन्होंने निस्तारण कर दिया है। अब कम ही बची हैं।
पांच व 10 रुपये लगता है शुल्क
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र ने बताया कि शासन स्तर से बच्चे के जन्म से 21-30 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पर पांच रुपये शुल्क लगता है। वहीं एक महीने से एक साल तक के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके कार्यालयों में अधिकारियों के आंख के नीचे धड़ल्ले से 200-300 रुपये लिए जाते हैं।
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जिला महिला अस्पताल स्थित सीएमएस कार्यालय के कमरा नंबर चार में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व प्रमाण पत्र का काम होता है। जन्म प्रमाण पत्र पटल पर अवधेश कार्यरत हैं। अवधेश घरेलू कार्यों के लिए छुट्टी पर चले गए हैं। मंगलवार को महिला अस्पताल में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष पर बाहर से ताला लगा हुआ था। कुछ अभिभावक बेंच पर बैठकर इंतजार करते दिखे। कर्मचारियों से पूछने पर पता चला कि वह चार दिनों तक अवकाश पर रहेंगे। खैराकोट गांव के परशुराम ने बताया कि अपने दो पौत्र का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना था, इसलिए आए थे। कक्ष पर ताला लगा है। कर्मचारी चार दिन बाद आने की बात कह रहे हैं। इसी तरह किशन व विमला भी बेंच पर बैठकर इंतजार करती दिखीं। कुछ अभिभावक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन पत्र गुणवत्ता प्रबंधक के कमरे में जमा कर रहे थे। महिला अस्पताल में वैसे ही फाइलें ज्यादा लंबित हो गई हैं, अब चार दिनों तक काम न होने से और दबाव बढ़ जाएगा। सीएमएस डॉ. राजकुमार ने बताया कि पटल सहायक अवधेश कुछ आवश्यक कार्य के लिए तीन दिनों तक अवकाश पर रहेंगे। लंबित फाइलों का उन्होंने निस्तारण कर दिया है। अब कम ही बची हैं।
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पांच व 10 रुपये लगता है शुल्क
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र ने बताया कि शासन स्तर से बच्चे के जन्म से 21-30 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पर पांच रुपये शुल्क लगता है। वहीं एक महीने से एक साल तक के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके कार्यालयों में अधिकारियों के आंख के नीचे धड़ल्ले से 200-300 रुपये लिए जाते हैं।
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