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Balrampur News: तीन दिन स्कूल नहीं आए बच्चे तो घर पहुंचेगी बुलावा टोली
Fri, 12 Jul 2024 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 12 Jul 2024 10:50 PM IST
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बलरामपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की औसत उपस्थिति 75 फीसदी निर्धारित की गई है। इसके लिए तीन दिन लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चाें को चिह्नित कर उसे बुलाने के लिए स्कूल से एक बुलावा टोली उसके घर भेजी जाएगी। वहीं अधिक दिनों तक बिना सूचना के स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग कराई जाएगी।
जिले के 1814 परिषदीय विद्यालयों में करीब ढाई लाख विद्यार्थी अध्ययनरत है। परिषदीय स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके बावजूद विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रह रही है। ऐसे में स्कूल एवं शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि पंजीकृत छात्र-छात्राएं यदि तीन दिन तक अनुपस्थित रहते हैं तो उनके घर बुलावा टोली जाएगी, टोली में स्कूल के शिक्षक शामिल रहेंगे। शिक्षक अभिभावक से मुलाकात कर बच्चे के स्कूल न आने का कारण जानेंगे। टोली के सदस्य अभिभावकों को जागरूक करते हुए बच्चे को रोजाना स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
अभिभावकों की होगी काउंसिलिंग
वहीं यदि विद्यार्थी उचित कारणों के बिना लगातार छह या छह से अधिक दिनों तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाएंगे। स्कूल आने तक फॉलोअप किया जाएगा। एक माह में छह दिनों से अधिक अनुपस्थित रहने पर अध्यापक बच्चे के माता-पिता की काउंसिलिंग करेंगे।
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छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि तीन दिन तक स्कूल न आने वाले बच्चों के घर शिक्षकों को भेजा जाए। ऐसा न होने पर कार्रवाई भी की जाए।
शुभम शुक्ला, बीएसए
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जिले के 1814 परिषदीय विद्यालयों में करीब ढाई लाख विद्यार्थी अध्ययनरत है। परिषदीय स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके बावजूद विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रह रही है। ऐसे में स्कूल एवं शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि पंजीकृत छात्र-छात्राएं यदि तीन दिन तक अनुपस्थित रहते हैं तो उनके घर बुलावा टोली जाएगी, टोली में स्कूल के शिक्षक शामिल रहेंगे। शिक्षक अभिभावक से मुलाकात कर बच्चे के स्कूल न आने का कारण जानेंगे। टोली के सदस्य अभिभावकों को जागरूक करते हुए बच्चे को रोजाना स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
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अभिभावकों की होगी काउंसिलिंग
वहीं यदि विद्यार्थी उचित कारणों के बिना लगातार छह या छह से अधिक दिनों तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाएंगे। स्कूल आने तक फॉलोअप किया जाएगा। एक माह में छह दिनों से अधिक अनुपस्थित रहने पर अध्यापक बच्चे के माता-पिता की काउंसिलिंग करेंगे।
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छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि तीन दिन तक स्कूल न आने वाले बच्चों के घर शिक्षकों को भेजा जाए। ऐसा न होने पर कार्रवाई भी की जाए।
शुभम शुक्ला, बीएसए