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Balrampur News: सैकड़ों बीघे उपजाऊ खेत राप्ती में समाहित

Mon, 22 Sep 2025 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Sep 2025 10:15 PM IST
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Hundreds of acres of fertile fields are included in Rapti
बलरामपुर के लालनगर गांव के पास कटान कर रही राप्ती नदी ।- संवाद
उतरौला। राप्ती नदी का जलस्तर घटते ही कटान का संकट गहरा गया है। उतरौला तहसील के करीब एक दर्जन तटवर्ती गांवों में कटान से अब तक सैकड़ों बीघे उपजाऊ भूमि नदी में समा चुकी है। खेतों के साथ अब लोगों के आशियाने भी खतरे में हैं। गांव के किसानों और परिवारों का दर्द है कि उनकी वर्षों की मेहनत पलभर में नदी की धारा बहा ले जा रही है, लेकिन प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है।
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नदी की कटान से क्षेत्र के ग्राम लालनगर, विरदा बनिया भारी, मिलौली बाघाजोत, सुरहिया देवर, एलनपुर, परसौना, गोनकोट, नंदौरी समेत कई गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। लालनगर निवासी शादाब खान का आधा मकान नदी में समा चुका है। ग्राम प्रधान राजा ने आरोप लगाया कि बचाव के लिए बालू की बोरियां भरी तो जरूर गईं, लेकिन उन्हें कटान स्थल पर डालने के बजाय ऐसे ही छोड़ दिया गया।
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कटान पीड़ित इबरार खान, अतीक अहमद, मुस्तफा, कृष्ण कुमार, तुलाराम, रंजीत कुमार, राम अचल, रक्षा राम समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि कटान से सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं। उपजिलाधिकारी अभय सिंह का कहना है कि कटान प्रभावित ग्रामों में रोकथाम के लिए विभागीय टीम को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।
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बाढ़ में बहे पुल को बनवाने की मांग, प्रदर्शन
फोटो-15
हरैया सतघरवा। देवपुरा से करगौलिया मार्ग पर खैरहवा नाले पर बना पुल करीब 9 माह पूर्व बाढ़ में बह गया था। तब से आवागमन बाधित है। पुल बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री पाेर्टल पर शिकायत भी की। प्रधान प्रतिनिधि बालकराम यादव की अगुवाई में दुर्गा प्रसाद, तुलसीराम, मनोज कुमार, शफीक, उमानाथ, स्वामी दयाल, बड़का व वसीम आदि ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार प्रार्थनापत्र दिया गया परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुल न होने के कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है। इससे मरीजों को अस्पताल ले जाने और छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है।
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