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विजलेंस ने शुरू की स्वास्थ्य विभाग के घोटालों की जांच
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बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग में सीएचसी व पीएचसी की मरम्मत, दवा व उपकरण खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच विजलेंस टीम ने शुरू कर दी है। घोटालों से जुड़े दस्तावेज सीएमओ कार्यालय से मांगे गए है। पहले इन घोटालों की जांच एसआईटी कर रही थी। विजलेंस टीम 2016 से लेकर 2020 तक सीएचसी व पीएचसी की मरम्मत तथा दवा व उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के दायरे में एक पूर्व विधायक सहित स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी व कर्मचारी आ सकते हैं।
समाजवादी पार्टी के शासन काल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पतालों के मेंटेनेंस तथा दवाओं व उपकरणों की खरीद फरोख्त में भारी अनियमितता बढ़ती गई थी। इस कार्य में एक पूर्व विधायक के परिवार से संबंधित कई फर्मों को भुगतान किया गया था। कैग टीम ने माना था कि स्वास्थ्य विभाग ने तमाम कार्यों का दस्तावेज व बिल आदि प्रस्तुत नहीं किया। जिससे यह प्रतीत होता है कि विभाग में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता को लेकर विधान सभा में सवाल उठाया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2016 से लेकर 2020 तक देवीपाटन मंडल के चार जनपद बलरामपुर, गोण्डा, बहराइच व श्रावस्ती के साथ सिदार्थनगर के स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत कार्य तथा दवा एवं उपकरणों की खरीद फरोख्त के कार्यो की जांच की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
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एसआईटी ने कई बार जिले में आकर संबंधित दस्तावेज मांगे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने कोई सहयोग नही किया। अब मामले की जांच एसआईटी के बजाए विजलेंस टीम को सौंपी गई है। सीएमओ डा. सुशील कुमार ने बताया कि विजलेंस टीम की तरफ से सीएमओ कार्यालय में फोन किया गया था। उस समय वह आफिस में न होकर फील्ड में थे। मामले में उनके द्वारा जो भी दस्तावेज मांगे जाएंगे उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। विजलेंस टीम को जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।
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समाजवादी पार्टी के शासन काल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पतालों के मेंटेनेंस तथा दवाओं व उपकरणों की खरीद फरोख्त में भारी अनियमितता बढ़ती गई थी। इस कार्य में एक पूर्व विधायक के परिवार से संबंधित कई फर्मों को भुगतान किया गया था। कैग टीम ने माना था कि स्वास्थ्य विभाग ने तमाम कार्यों का दस्तावेज व बिल आदि प्रस्तुत नहीं किया। जिससे यह प्रतीत होता है कि विभाग में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता को लेकर विधान सभा में सवाल उठाया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2016 से लेकर 2020 तक देवीपाटन मंडल के चार जनपद बलरामपुर, गोण्डा, बहराइच व श्रावस्ती के साथ सिदार्थनगर के स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत कार्य तथा दवा एवं उपकरणों की खरीद फरोख्त के कार्यो की जांच की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
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एसआईटी ने कई बार जिले में आकर संबंधित दस्तावेज मांगे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने कोई सहयोग नही किया। अब मामले की जांच एसआईटी के बजाए विजलेंस टीम को सौंपी गई है। सीएमओ डा. सुशील कुमार ने बताया कि विजलेंस टीम की तरफ से सीएमओ कार्यालय में फोन किया गया था। उस समय वह आफिस में न होकर फील्ड में थे। मामले में उनके द्वारा जो भी दस्तावेज मांगे जाएंगे उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। विजलेंस टीम को जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।