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Balrampur News: बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी रामगढ़ मैटहवा में कीचड़ से आफत
Wed, 02 Sep 2026 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:05 PM IST
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फोटो-36-बलरामपुर के रामगढ़ मैटहवा में हुआ कीचड़ व जलभराव ।-स्रोत : ग्रामीण
बलरामपुर। रामगढ़ मैटहवा गांव में बाढ़ का पानी उतरने के तीसरे दिन भी जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा है। इससे ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों और शिक्षकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कंपोजिट विद्यालय रामगढ़ मैटहवा के शिक्षक वैभव ओझा ने बताया कि बाढ़ आने पर विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता बंद हो जाता है। विद्यालय परिसर में पानी नहीं पहुंचता, लेकिन बच्चों और शिक्षकों को स्कूल आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उधर, राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार सुबह आठ बजे 102.700 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 1.920 मीटर नीचे है। जिले में 3.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सदर व उतरौला तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी के किनारे बसे करीब गांवों में कटान होने से ग्रामीणों में दहशत है। इन लोगों ने कटानरोधी कार्य कराए जाने की मांग की है। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ी नालों के जलप्रवाह को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। जिले में 32 बाढ़ चौकियां, 19 बाढ़ शरणालय और 32 मेडिकल टीमें तैयार हैं। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव के लिए विभागों को समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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उधर, राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार सुबह आठ बजे 102.700 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 1.920 मीटर नीचे है। जिले में 3.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सदर व उतरौला तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी के किनारे बसे करीब गांवों में कटान होने से ग्रामीणों में दहशत है। इन लोगों ने कटानरोधी कार्य कराए जाने की मांग की है। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ी नालों के जलप्रवाह को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। जिले में 32 बाढ़ चौकियां, 19 बाढ़ शरणालय और 32 मेडिकल टीमें तैयार हैं। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव के लिए विभागों को समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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