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Balrampur News: भारत-नेपाल सीमा पर हाईटेक निगरानी, हर कदम पर हो रही बहुस्तरीय जांच
Fri, 17 Jul 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:06 PM IST
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फोटो-35-बलरामपुर के जरवा में लोगों के पहचान पत्र की जांच करते एसएसबी जवान ।-संवाद
जरवा। नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। जरवा-कोइलाबास सीमा पर पिछले चार माह से एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की सघन जांच कर रही है। सीमा से सटे सोहेलवा वन क्षेत्र, संवेदनशील पगडंडी मार्गों और सीमावर्ती गांवों में भी लगातार गश्त बढ़ाई गई है, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
नेपाल से भंसार सुविधा में छूट मिलने के बाद सीमा पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को गोरखपुर परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनजीत सिंह पद्दा ने कोइलाबास चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने चौकी प्रभारी निरीक्षक रूम्पा सहित अन्य अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। डीआईजी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार गश्त, स्थानीय नागरिकों से बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमा क्षेत्र में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।
जरवा स्थित एसएसबी नौवीं वाहिनी की कोइलाबास चौकी पर यात्रियों और वाहनों की तीन चरणों में जांच की व्यवस्था की गई है। पहले चरण में भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वाले लोगों और वाहनों का विवरण दस्तावेजों के आधार पर दर्ज किया जाता है। इसके बाद यात्रियों के सामान की बैगेज स्कैनर से जांच की जाती है। तीसरे चरण में एसएसबी जवान पहचान पत्रों का सत्यापन, फोटो मिलान और व्यक्तिगत तलाशी करते हैं।
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वाहनों की जांच डॉग स्क्वायड, मेटल डिटेक्टर और ट्रॉली मिरर की सहायता से की जाती है। वाहन के अंदर और नीचे तक बारीकी से निरीक्षण के बाद ही उन्हें सीमा पार जाने या भारत में प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त लगातार जारी है। कोतवाली जरवा प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सोहेलवा जंगल, सीमावर्ती गांवों और पगडंडी मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। स्थानीय लोगों से संवाद कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
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नेपाल से भंसार सुविधा में छूट मिलने के बाद सीमा पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को गोरखपुर परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनजीत सिंह पद्दा ने कोइलाबास चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने चौकी प्रभारी निरीक्षक रूम्पा सहित अन्य अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। डीआईजी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार गश्त, स्थानीय नागरिकों से बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमा क्षेत्र में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।
जरवा स्थित एसएसबी नौवीं वाहिनी की कोइलाबास चौकी पर यात्रियों और वाहनों की तीन चरणों में जांच की व्यवस्था की गई है। पहले चरण में भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वाले लोगों और वाहनों का विवरण दस्तावेजों के आधार पर दर्ज किया जाता है। इसके बाद यात्रियों के सामान की बैगेज स्कैनर से जांच की जाती है। तीसरे चरण में एसएसबी जवान पहचान पत्रों का सत्यापन, फोटो मिलान और व्यक्तिगत तलाशी करते हैं।
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वाहनों की जांच डॉग स्क्वायड, मेटल डिटेक्टर और ट्रॉली मिरर की सहायता से की जाती है। वाहन के अंदर और नीचे तक बारीकी से निरीक्षण के बाद ही उन्हें सीमा पार जाने या भारत में प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त लगातार जारी है। कोतवाली जरवा प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सोहेलवा जंगल, सीमावर्ती गांवों और पगडंडी मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। स्थानीय लोगों से संवाद कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे निगरानी की जा रही है।