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Balrampur News: परीक्षा नीति पर हाईकोर्ट की मुहर, विश्वविद्यालय को बड़ी राहत

Sat, 31 Jan 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sat, 31 Jan 2026 11:23 PM IST
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High Court approves examination policy, big relief for university
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को परीक्षा संचालन के मोर्चे पर बड़ी कानूनी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विश्वविद्यालय द्वारा तय की गई परीक्षा केंद्र नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। साफ हो गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा शासनादेश के तहत बनाई गई परीक्षा केंद्र निर्धारण की व्यवस्था वैध है और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
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राम तेज भगवती प्रसाद महाविद्यालय और राजा भैया मेमोरियल महिला महाविद्यालय ने स्वयं को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। याचिकाओं में परीक्षा केंद्र सूची पर सवाल उठाए गए थे और विश्वविद्यालय के निर्णय को चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 20 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी हैं। ऐसे में इस स्तर पर न्यायालय का हस्तक्षेप न केवल अनुचित होगा, बल्कि इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि परीक्षा जैसे संवेदनशील शैक्षणिक कार्य में अनावश्यक दखल छात्रों के हित में नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को निरस्त कर दिया और विश्वविद्यालय को परीक्षा प्रक्रिया पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जारी रखने का आदेश दिया।
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छात्रों की संख्या और दूरी को बनाया गया आधार
परीक्षा केंद्र नीति के तहत यह तय किया गया कि किसी संस्थान को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कम से कम 60 छात्राएं या 120 अथवा उससे अधिक छात्र होना आवश्यक है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि परीक्षार्थियों को उनके निवास या अध्ययन स्थल के नजदीकी परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। कुलपति प्रोफेसर रविशंकर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियम और मानक छात्रहित को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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