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बाढ़ से बांधों का हुआ भारी नुकसान
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ में 5.13 करोड़ की लागत से बने दो बांधों का भारी नुकसान हुआ है। समय पर बांधों की मरम्मत न होने पर क्षेत्र में बाढ़ की तबाही मचेगी। खरझार पहाड़ी नाले के आसपास 18 गांवों के 20 हजार लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्रवासियों ने डीएम से तत्काल बांधों की मरम्मत कराने की मांग की है। चार साल पहले 4.58 करोड़ और गत वर्ष 55 लाख रुपये की लागत से बने खरझार पहाड़ी नाले के बांधों की मिट्टियां कटकर बह गई हैं।
क्षेत्रवासी पवन कुमार, तुलाराम, जीवन लाल, हृदयराम, संजय कुमार, अब्दुल सलाम, रक्षाराम, बड़कऊ, कुन्ने, बड़का, पतिराम व बलराम आदि ने बताया कि तत्कालीन डीएम प्रीति शुक्ला ने खरझार पहाड़ी नाले के कटान का निरीक्षण किया और वर्ष 2015-16 में 4.03 करोड़ रुपये की लागत से तुलसीपुर ब्लॉक के 18 गांवों के 20 हजार लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए लोहेपनिया गांव के पास बांध का निर्माण कराया।
बांध के निर्माण में 55 लाख रुपये की लागत बढ़ गई जिसे तत्कालीन डीएम ने शासन से स्वीकृत कराकर बांध का संपूर्ण निर्माण कराया। गत वित्तीय वर्ष में मौजूदा डीएम ने 55 लाख रुपये की लागत से रामगढ़ मैटाहवा गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ से बचाने के लिए बांध का निर्माण कराया। जून के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश के चलते लोहेपनिया व रामगढ़ मैटाहवा गांवों के पास बने बांध की मिट्टियां खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ के तेज बहाव में बह गई हैं।
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दोनों बांधों के क्षतिग्रस्त होने से तुलसीपुर ब्लॉक के 18 गांवों के 20 हजार लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खरझार पहाड़ी नाले के पुल का एप्रोच भी कई जगह क्षतिग्रस्त हुआ है। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग भी बाढ़ के तेज बहाव में बर्बाद हो गया है। इन लोगों ने डीएम से बाढ़ से क्षतिग्रस्त दोनों बांधों, खरझार पहाड़ी नाले का एप्रोच व महराजगंज तराई-ललिया मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है जिससे बरसात में आने वाली पहाड़ी नाले की बाढ़ से लोगों का नुकसान न हो।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि लोहेपनिया व रामगढ़ मैटाहवा गांवों के पास बांधों, खरझार पहाड़ी नाले का एप्रोच व महराजगंज तराई-ललिया मार्ग की मरम्मत कराने के संबंध में तहसीलदार तुलसीपुर कृष्ण गोपाल त्रिपाठी ने रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। संबंधित विभाग को सूचना दी गई है। आकलन कराकर शीघ्र ही सभी कार्य कराए जाएंगे।
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क्षेत्रवासी पवन कुमार, तुलाराम, जीवन लाल, हृदयराम, संजय कुमार, अब्दुल सलाम, रक्षाराम, बड़कऊ, कुन्ने, बड़का, पतिराम व बलराम आदि ने बताया कि तत्कालीन डीएम प्रीति शुक्ला ने खरझार पहाड़ी नाले के कटान का निरीक्षण किया और वर्ष 2015-16 में 4.03 करोड़ रुपये की लागत से तुलसीपुर ब्लॉक के 18 गांवों के 20 हजार लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए लोहेपनिया गांव के पास बांध का निर्माण कराया।
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बांध के निर्माण में 55 लाख रुपये की लागत बढ़ गई जिसे तत्कालीन डीएम ने शासन से स्वीकृत कराकर बांध का संपूर्ण निर्माण कराया। गत वित्तीय वर्ष में मौजूदा डीएम ने 55 लाख रुपये की लागत से रामगढ़ मैटाहवा गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ से बचाने के लिए बांध का निर्माण कराया। जून के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश के चलते लोहेपनिया व रामगढ़ मैटाहवा गांवों के पास बने बांध की मिट्टियां खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ के तेज बहाव में बह गई हैं।
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दोनों बांधों के क्षतिग्रस्त होने से तुलसीपुर ब्लॉक के 18 गांवों के 20 हजार लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खरझार पहाड़ी नाले के पुल का एप्रोच भी कई जगह क्षतिग्रस्त हुआ है। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग भी बाढ़ के तेज बहाव में बर्बाद हो गया है। इन लोगों ने डीएम से बाढ़ से क्षतिग्रस्त दोनों बांधों, खरझार पहाड़ी नाले का एप्रोच व महराजगंज तराई-ललिया मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है जिससे बरसात में आने वाली पहाड़ी नाले की बाढ़ से लोगों का नुकसान न हो।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि लोहेपनिया व रामगढ़ मैटाहवा गांवों के पास बांधों, खरझार पहाड़ी नाले का एप्रोच व महराजगंज तराई-ललिया मार्ग की मरम्मत कराने के संबंध में तहसीलदार तुलसीपुर कृष्ण गोपाल त्रिपाठी ने रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। संबंधित विभाग को सूचना दी गई है। आकलन कराकर शीघ्र ही सभी कार्य कराए जाएंगे।