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Balrampur News: वर्षों से खराब हैं हैंडपंप, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
Sun, 21 Jun 2026 10:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 21 Jun 2026 10:48 PM IST
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फोटो-2-बलरामपुर के महराजगंज तराई में खराब पड़ा हैंडपंप।-संवाद
महराजगंज तराई। तुलसीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत विजयीडीह में ग्रामीण वर्षों से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। गांव में लगे कई सरकारी हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार आर्य ने बताया कि खराब हैंडपंपों की सूचना प्राप्त हुई है। जांच कराकर शीघ्र ही आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
विजयीडीह गांव में कुल 28 हैंडपंप हैं। जिसमें चार हैंडपंप मरम्मत योग्य, चार हैंडपंप रिबोर करने करने वाले हैं। इसके अलावा आठ हैंडपंप पूरी तरह खराब हैं। मन्नू विश्वकर्मा, मोतीलाल, कमलेश, दिनेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत निधि से हर वर्ष हैंडपंप मरम्मत और रिबोर के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। हैंडपंप खराब होने के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के जलस्रोतों और निजी हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीण दुर्गा प्रसाद मौर्य ने बताया कि उनके घर के पास लगा सरकारी हैंडपंप कई वर्षों से खराब पड़ा है। इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विजयीडीह गांव में कुल 28 हैंडपंप हैं। जिसमें चार हैंडपंप मरम्मत योग्य, चार हैंडपंप रिबोर करने करने वाले हैं। इसके अलावा आठ हैंडपंप पूरी तरह खराब हैं। मन्नू विश्वकर्मा, मोतीलाल, कमलेश, दिनेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत निधि से हर वर्ष हैंडपंप मरम्मत और रिबोर के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। हैंडपंप खराब होने के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के जलस्रोतों और निजी हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीण दुर्गा प्रसाद मौर्य ने बताया कि उनके घर के पास लगा सरकारी हैंडपंप कई वर्षों से खराब पड़ा है। इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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