{"_id":"5dac96dc8ebc3e012f282315","slug":"government-medicine-worth-lakhs-of-rupees-burned-behind-hospital-balrampur-news-lko488009291","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल के पीछे जला दी लाखों रुपये की सरकारी दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल के पीछे जला दी लाखों रुपये की सरकारी दवा
विज्ञापन
बलरामपुर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कौवापुर के पीछे जलाई गई सरकारी दवा।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। सरकारी स्वास्थ्य सेवा के नाम पर दी जा रही सुविधाएं व लाखों रुपये की दवाएं अस्पताल के पीछे जलाई जा रही है। जिन दवाओं से मरीजों को जिंदगी मिल सकती है अब उन्हीं दवाओं का धुंआ हवा में जहर घोल रहा है। दवाएं किसने और क्यों जलाईं इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर सरकारी दवा न देकर बाहर की दवा लिखते हैं।
ताजा मामला तुलसीपुर सीएचसी अंतर्गत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौवापुर का है। अस्पताल के पीछे करीब तीन लाख की दवाएं झाड़ी में आग के हवाले कर दी गई हैं। अस्पताल के पीछे जलने वाली दवाओं का धुंआ हवा में जहर घोल रहा है। इन दवाओं से जिंदगी तो नहीं बचाई गई बल्कि इन्हें जलाकर लोगों को बीमार करने का प्रयास जरूर किया जा रहा है।
यह दवा झाड़ियों में किसने फेंकी और इनमें आग किसने लगाई इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में मुफ्त इलाज कराने आने वाले मरीजों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से मुफ्त मिलने वाली दवाएं इक्का-दुक्का ही दी जाती है। बाकी दवा बाहर से खरीदने के लिए पर्चा लिख दिया जाता है। हालांकि मरीज अपना नाम सार्वजनिक न करने की अपील कर रहे थे।
विज्ञापन
सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कौवापुर अस्पताल के पीछे सरकारी दवाएं जलाने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ताजा मामला तुलसीपुर सीएचसी अंतर्गत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौवापुर का है। अस्पताल के पीछे करीब तीन लाख की दवाएं झाड़ी में आग के हवाले कर दी गई हैं। अस्पताल के पीछे जलने वाली दवाओं का धुंआ हवा में जहर घोल रहा है। इन दवाओं से जिंदगी तो नहीं बचाई गई बल्कि इन्हें जलाकर लोगों को बीमार करने का प्रयास जरूर किया जा रहा है।
विज्ञापन
यह दवा झाड़ियों में किसने फेंकी और इनमें आग किसने लगाई इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में मुफ्त इलाज कराने आने वाले मरीजों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से मुफ्त मिलने वाली दवाएं इक्का-दुक्का ही दी जाती है। बाकी दवा बाहर से खरीदने के लिए पर्चा लिख दिया जाता है। हालांकि मरीज अपना नाम सार्वजनिक न करने की अपील कर रहे थे।
विज्ञापन
सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कौवापुर अस्पताल के पीछे सरकारी दवाएं जलाने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।