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Balrampur News: निजी के आगे बेबस दिखे राजकीय कॉलेज
Wed, 26 Apr 2023 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 26 Apr 2023 11:16 PM IST
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बलरामपुर। यूूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम ने सरकारी कॉलेजों को आईना दिखाया है। टॉपटेन में जिले के एक भी राजकीय कॉलेज के छात्र के जगह न बना पाने के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इनकी पड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को पुस्तकालय में डीआईओएस गोविंद राम ने शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है।यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस वर्ष हाईस्कूल के 90.75 प्रतिशत व इंटरमीडिएट के 77.05 प्रतिशत बच्चों ने सफलता हासिल की है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टाॅपटेन में बलरामपुर सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज, हाजी इस्माइल इंटर कॉलेज सादुल्लाहनगर, स्काॅलर्स एकेडमी इंटर कॉलेज उतरौला, भारतीय विद्यालय इंटर कॉलेज उतरौला, बलरामपुर माॅडर्न इंटर कॉलेज, मझौली कन्या इंका गैसड़ी, एआरए इंटर कॉलेज गांधीनगर, हनोमान प्रसाद वर्मा उमावि रेहरा बाजार, एसबीआईसी विशुनपुर, एसवीबीपी इंटर कॉलेज गालिबापुर, बीपीएसआइसी रेहरा बाजार, एमवाई उस्मानी इंटर कॉलेज उतरौला, केएल वर्मा इंटर कॉलेज नया नगर, सुंदरदास रामलाल इंटर कॉलेज बलरामपुर के छात्रों ने जगह बनाई है।
हैरानी की बात यह है कि शिक्षा में सुधार के लिए विभाग के साथ ही नीति आयोग भी पानी की तरह पैसा बहा रहा है। कहीं पर स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है तो कहीं पर अन्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इसके बाद भी टाॅपटेन में जगह न बना पाने से सवाल उठ रहे हैं। डीआाईओएस गोविंद राम भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस बार राजकीय कॉलेजों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। सरकारी कॉलेजों की व्यवस्थाओं की पड़ताल का निर्णय लिया गया है। दो दिन बाद स्कूलवार क्लास लिस्ट आने के बाद इस पर प्रक्रिया तैयार की जाएगी। अलग से स्कूलों की रैंकिंग बनाकर वहां की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। डीआईओएस ने बताया कि स्क्रूटनी के लिए 19 मई तक आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
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हैरानी की बात यह है कि शिक्षा में सुधार के लिए विभाग के साथ ही नीति आयोग भी पानी की तरह पैसा बहा रहा है। कहीं पर स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है तो कहीं पर अन्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इसके बाद भी टाॅपटेन में जगह न बना पाने से सवाल उठ रहे हैं। डीआाईओएस गोविंद राम भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस बार राजकीय कॉलेजों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। सरकारी कॉलेजों की व्यवस्थाओं की पड़ताल का निर्णय लिया गया है। दो दिन बाद स्कूलवार क्लास लिस्ट आने के बाद इस पर प्रक्रिया तैयार की जाएगी। अलग से स्कूलों की रैंकिंग बनाकर वहां की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। डीआईओएस ने बताया कि स्क्रूटनी के लिए 19 मई तक आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
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