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Balrampur News: जरनल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने दिया इस्तीफा
Tue, 27 Jun 2023 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 27 Jun 2023 11:13 PM IST
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डॉ. अरुण कुमार
बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात जरनल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। सर्जन ने सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार को लिखित प्रार्थना पत्र देकर निजी कारणों से अस्पताल में नौकरी करने पर असमर्थता जताई है। एक मात्र जरनल सर्जन के त्यागपत्र देने से संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्जरी सेवा ठप हो गई है। अब सामान्य ऑपरेशन वाले मरीजों को सर्जरी कराने के लिए अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ेगी।
किंग जाॅर्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस व एमएस की पढ़ाई कर चुके डॉ. अरुण कुमार की नियुक्ति तीन दिसंबर 2016 को संयुक्त जिला चिकित्सालय में जरनल सर्जन के पद पर हुई थी। तब से वे अस्पताल में मरीजों की ओपीडी व सर्जरी करते रहे हैं। साढ़े छह साल की सेवाकाल में उन्होंने ढाई हजार से अधिक छोटे-बड़े ऑपरेशन किए। बीते 24 जून को उन्होंने अचानक सीएमएस को अपना त्यागपत्र देकर सबको चौंका दिया। सीएमएस ने बताया कि जरनल सर्जन ने त्यागपत्र दिया है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
फर्जी शिकायतों से आहत थे सर्जन
सर्जन डॉ. अरुण कुमार बताते हैं कि सरकारी अस्पताल में काम करते समय डॉक्टर कई नियमों से बंधा होता है। जबकि सर्जरी के केस में मरीज को ठीक करने के लिए सर्जन को अच्छी दवा व गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। इसी बात को लेकर कई बार मेरी फर्जी शिकायतें भी हुईं। अब अपने निजी कारणों को लेकर मैंने त्यागपत्र दे दिया है।
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किंग जाॅर्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस व एमएस की पढ़ाई कर चुके डॉ. अरुण कुमार की नियुक्ति तीन दिसंबर 2016 को संयुक्त जिला चिकित्सालय में जरनल सर्जन के पद पर हुई थी। तब से वे अस्पताल में मरीजों की ओपीडी व सर्जरी करते रहे हैं। साढ़े छह साल की सेवाकाल में उन्होंने ढाई हजार से अधिक छोटे-बड़े ऑपरेशन किए। बीते 24 जून को उन्होंने अचानक सीएमएस को अपना त्यागपत्र देकर सबको चौंका दिया। सीएमएस ने बताया कि जरनल सर्जन ने त्यागपत्र दिया है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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फर्जी शिकायतों से आहत थे सर्जन
सर्जन डॉ. अरुण कुमार बताते हैं कि सरकारी अस्पताल में काम करते समय डॉक्टर कई नियमों से बंधा होता है। जबकि सर्जरी के केस में मरीज को ठीक करने के लिए सर्जन को अच्छी दवा व गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। इसी बात को लेकर कई बार मेरी फर्जी शिकायतें भी हुईं। अब अपने निजी कारणों को लेकर मैंने त्यागपत्र दे दिया है।
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