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Balrampur News: एक घर से उठे चार जनाजे, हर आंख हुई नम

Wed, 26 Aug 2026 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Wed, 26 Aug 2026 11:29 PM IST
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Four funeral processions were taken from one house, every eye was moist
फोटो-41-बलरामपुर में निकाली गई जनाजे में शामिल लोग ।-संवाद
बलरामपुर। जिस घर में कुछ दिन पहले तक अपनों की मौजूदगी से रौनक थी, बुधवार को उसी घर से एक साथ चार जनाजे उठे। कार हादसे में मौलाना मोहम्मद शरीफ, उनकी पत्नी तबस्सुम, बड़े बेटे उजेम और बेटी रूश्दा की मौत ने पूरे बलुहा मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया। एक साथ चार जनाजे घर से निकलते देख रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों की आंखें नम हो गईं। परिवार के विलाप और लोगों की खामोशी के बीच हर कदम गम का एहसास करा रहा था।
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सुबह करीब नौ बजे अंतिम विदाई के लिए घर के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। कोई परिजनों को ढाढ़स बंधा रहा था तो कोई इस दर्दनाक हादसे पर यकीन करने की कोशिश कर रहा था। चारों जनाजों को कंधा देने के लिए लोग आगे आते रहे। घर से कब्रिस्तान तक रास्ते में भी लोगों की भीड़ रही। गोंडा के मदरसा फुरकानिया के मुफ्ती नियामतुल्ला ने चारों की नमाज-ए-जनाजा पढ़ाई। इसके बाद बलुहा कब्रिस्तान में चारों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मिट्टी देने के बाद लोगों ने मरहूमों की मगफिरत और परिवार को यह दुख सहने की ताकत देने के लिए दुआ की। सांसद शिरोमणि वर्मा और पूर्व विधायक जगराम पासवान ने भी शोक जताया। चारों की अंतिम विदाई में बहराइच से मुफ्ती वहीदुल्ला, हाजी वसीउल्लाह, मौलाना जुबेर कासमी और इकबाल जावेद समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। राजू मेकरानी, शब्बर, हाशिम सहित मोहल्ले के लोगों ने परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
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छह बच्चों के पिता थे मौलाना शरीफ



-- मृतक के भतीजे रफी राईनी ने बताया कि मौलाना मोहम्मद शरीफ के छह बच्चे थे। चार बेटे और दो बेटियां। हादसे में मौलाना शरीफ, उनकी पत्नी तबस्सुम, बड़े बेटे उजेम और बेटी रूश्दा की मौत हो गई। सबसे छोटी बेटी हुदा घायल है। सुहेम, सुरेम और नुएम सुरक्षित हैं। मृतक के बड़े भाई हाफिज मोहम्मद शफी ने बताया कि अब मौलाना के तीनों बेटे और घायल बेटी उनके साथ बलुहा में रहेंगे।
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जिस घर में मेहमान बनकर आए, वहीं चार जनाजे उठे
रफी राईनी ने बताया कि करीब एक माह पहले नफीस मेकरानी के निधन पर मौलाना शरीफ अपने पूरे परिवार के साथ बलुहा आए थे। तब किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही समय बाद इसी परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरा मोहल्ला मातम में डूब जाएगा। पड़ोसी के निधन पर आए परिवार की अब एक साथ अंतिम विदाई ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया।
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