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Balrampur News: परदेसी बने हिस्ट्रीशीटरों की वीडियो कॉल से होगी निगरानी
Tue, 05 Mar 2024 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 05 Mar 2024 11:48 PM IST
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बलरामपुर। देवीपाटन रेंज की बलरामपुर पुलिस अब परदेस में रह रहे जिले के हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी वीडियो कॉल से करेगी। इसके लिए एसपी के निर्देश पर चिह्नित हिस्ट्रीशीटरों के परिजनों से मिलकर पुलिस उनका मोबाइल नंबर जुटा रही है। ताकि वीडियो कॉल करके उनकी लाइव लोकेशन की तस्दीक की जा सके। साथ ही पड़ोसी के मोबाइल नंबर पर भी कॉल कर हिस्ट्रीशीटर से जुड़ी सूचना का मिलान भी होगा।
जिले के 15 थानों में विभिन्न अपराध से जुड़े 762 लोगों को हिस्ट्रीशीटर की सूची में शामिल किया गया है। चिह्नित हिस्ट्रीशीटर वर्तमान में क्या कर रहा है, उसके संपर्क में कौन कौन है, परिवार की स्थिति क्या है... इन तमाम बिंदुओं से जुड़ी सूचना का सत्यापन करने पर यह समस्या आ रही है कि संबंधित हिस्ट्रीशीटर जिले से बाहर निवास कर रहा है। परिजनों से मिली जानकारी के बाद भी चिह्नित की सही स्थिति का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस परेशानी से निपटने के लिए ही पुलिस ने अब ऐसे हिस्ट्रीशीटरों से जुड़ी सूचना के सत्यापन के लिए वीडियो कॉल की नई व्यवस्था शुरू की है।
एसपी के निर्देश पर इसके लिए अलग से टीम का गठन किया गया है। इसके तहत हिस्ट्रीशीटर व पड़ोसी से वीडियो कॉल के बाद चिह्नित की लोकेशन का सत्यापन भी किया जा रहा है। ताकि देखा जा सके कि दोनों का लोकेशन एक ही जगह है या अलग-अलग। लोकेशन में समानता न मिलने पर ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की पूरी कुंडली पुलिस खंगालेगी।
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हिस्ट्रीशीटर का मतलब होता है आपराधिक गतिविधियों में लिप्त ऐसा व्यक्ति, जिसका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड हो। उसके अपराधों का ब्योरा जुटाने के बाद एसपी के आदेश से उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाती है। इसका पंजीकरण संबंधित थाने में होता है, इसमें उसका नाम लिख कर अपराधों का विवरण, कोर्ट में चालान पेश करने का विवरण, कोर्ट का निर्णय सब नोट किया जाता है।
हिस्ट्रीशीटर अथवा उसके पड़ोसी को की जाने वाली वीडियो कॉल तथा गूगल लोकेशन से मिलान की स्थिति का स्क्रीन शॉट एसपी को भेजना जरूरी होगा। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में जुटी है।
एसपी केशव कुमार ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर के सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले सत्यापन के दौरान अगर किसी हिस्ट्रीशीटर के बारे में जानकारी मिलती थी कि वह जिले से बाहर है तो यही सूचना लिखकर भेज दी जाती थी। इससे उनका सटीक सत्यापन नहीं हो पाता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब वीडियो कॉल से सत्यापन में पारदर्शिता आएगी।
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जिले के 15 थानों में विभिन्न अपराध से जुड़े 762 लोगों को हिस्ट्रीशीटर की सूची में शामिल किया गया है। चिह्नित हिस्ट्रीशीटर वर्तमान में क्या कर रहा है, उसके संपर्क में कौन कौन है, परिवार की स्थिति क्या है... इन तमाम बिंदुओं से जुड़ी सूचना का सत्यापन करने पर यह समस्या आ रही है कि संबंधित हिस्ट्रीशीटर जिले से बाहर निवास कर रहा है। परिजनों से मिली जानकारी के बाद भी चिह्नित की सही स्थिति का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस परेशानी से निपटने के लिए ही पुलिस ने अब ऐसे हिस्ट्रीशीटरों से जुड़ी सूचना के सत्यापन के लिए वीडियो कॉल की नई व्यवस्था शुरू की है।
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एसपी के निर्देश पर इसके लिए अलग से टीम का गठन किया गया है। इसके तहत हिस्ट्रीशीटर व पड़ोसी से वीडियो कॉल के बाद चिह्नित की लोकेशन का सत्यापन भी किया जा रहा है। ताकि देखा जा सके कि दोनों का लोकेशन एक ही जगह है या अलग-अलग। लोकेशन में समानता न मिलने पर ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की पूरी कुंडली पुलिस खंगालेगी।
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हिस्ट्रीशीटर का मतलब होता है आपराधिक गतिविधियों में लिप्त ऐसा व्यक्ति, जिसका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड हो। उसके अपराधों का ब्योरा जुटाने के बाद एसपी के आदेश से उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाती है। इसका पंजीकरण संबंधित थाने में होता है, इसमें उसका नाम लिख कर अपराधों का विवरण, कोर्ट में चालान पेश करने का विवरण, कोर्ट का निर्णय सब नोट किया जाता है।
हिस्ट्रीशीटर अथवा उसके पड़ोसी को की जाने वाली वीडियो कॉल तथा गूगल लोकेशन से मिलान की स्थिति का स्क्रीन शॉट एसपी को भेजना जरूरी होगा। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में जुटी है।
एसपी केशव कुमार ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर के सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले सत्यापन के दौरान अगर किसी हिस्ट्रीशीटर के बारे में जानकारी मिलती थी कि वह जिले से बाहर है तो यही सूचना लिखकर भेज दी जाती थी। इससे उनका सटीक सत्यापन नहीं हो पाता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब वीडियो कॉल से सत्यापन में पारदर्शिता आएगी।