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राप्ती की कटान से प्रभावितों को मुआवजा की मांग
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उतरौला (बलरामपुर)। राप्ती नदी के कटान को लेकर उतरौला विकास मंच के अध्यक्ष आदिल हुसैन ने शुक्रवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अरुण कुमार गौड़ को सौंपा है। अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को कटान से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। लाल निशान के करीब राप्ती का जलस्तर पहुंच गया है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
एसडीएम को सौंपे गए पत्र में अध्यक्ष ने कहा है कि राप्ती नदी का के कटान के कहर से कई गांव प्रभावित है। तटवर्ती इलाकों में बसे गांव गोनकोट, परसौना व कुडऊ बौड़िहार के लोग बेघर होने के साथ-साथ अपनी जमीन भी गवां रहे हैं। गांव के लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है। प्रशासन की तरफ से राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है।
नगर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नगरवासियों को कीचड़ व गंदगी से भी दो चार होना पड़ रहा है। अध्यक्ष ने उतरौला नगर में साफ सफाई कराए जाने और कटान प्रभावित पीड़ितों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। शुक्रवार को राप्ती का जलस्तर 104.200 मीटर रहा जो खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर नीचे है।
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तटवर्ती इलाकों के लोगों ने शासन प्रशासन से बाढ़ के दौरान संसाधन मुहैया कराए जाने की मांग की है जिससे लोग जीवनयापन कर सकें। एडीएम वित्त एवं राजस्व व जिला आपदा प्रभारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लेखपालों को क्षेत्र में रहने का निर्देश दिया गया है।
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एसडीएम को सौंपे गए पत्र में अध्यक्ष ने कहा है कि राप्ती नदी का के कटान के कहर से कई गांव प्रभावित है। तटवर्ती इलाकों में बसे गांव गोनकोट, परसौना व कुडऊ बौड़िहार के लोग बेघर होने के साथ-साथ अपनी जमीन भी गवां रहे हैं। गांव के लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है। प्रशासन की तरफ से राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है।
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नगर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नगरवासियों को कीचड़ व गंदगी से भी दो चार होना पड़ रहा है। अध्यक्ष ने उतरौला नगर में साफ सफाई कराए जाने और कटान प्रभावित पीड़ितों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। शुक्रवार को राप्ती का जलस्तर 104.200 मीटर रहा जो खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर नीचे है।
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तटवर्ती इलाकों के लोगों ने शासन प्रशासन से बाढ़ के दौरान संसाधन मुहैया कराए जाने की मांग की है जिससे लोग जीवनयापन कर सकें। एडीएम वित्त एवं राजस्व व जिला आपदा प्रभारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लेखपालों को क्षेत्र में रहने का निर्देश दिया गया है।