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Balrampur News: मशक्कत के बाद मिली खाद...चली गई जान
Sat, 09 Aug 2025 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 09 Aug 2025 12:33 AM IST
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बलरामपुर के संझवल प्रेमनगर में मृतक के घर मौजूद परिजन ।
संवाद न्यूज एजेंसी महदेइयाबाजार (बलरामपुर)। खाद लेने की जद्दोजहद ने शुक्रवार को एक किसान की जान ले ली। श्रीदत्तगंज में शुक्रवार सुबह खाद लेने की लाइन में खड़े 70 वर्षीय सफीउर रहमान उर्फ बड़कऊ की अचानक तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते उनकी सांसें थम गईं।
हफ्ते भर से खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसान की मौत से गांव में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। घटना के बाद से किसानों में भारी आक्रोश है।
ग्राम पंचायत संझवल प्रेमनगर निवासी सफीउर रहमान शुक्रवार सुबह करीब छह बजे बिना कुछ खाए-पिए खाद के लिए श्रीदत्तगंज बाजार के एग्रीकल्चर जंक्शन पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, बीते सात दिनों में वह कई बार रामपुर बगनहा और श्रीदत्तगंज गए, लेकिन हर बार खाद नहीं है कहकर उन्हें लौटा दिया गया था।
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शुक्रवार को काफी मशक्कत के बाद एक बोरी खाद तो मिली, लेकिन थकान और गर्मी ने उनका साथ छीन लिया।
मृतक के पुत्र सिकंदर ने कहा कि पिता 16 बीघे खेत के मालिक थे, लेकिन खाद के बिना फसल बर्बाद होने की चिंता ने उन्हें तोड़ दिया। दुकानदार बार-बार टरका देता था, शुक्रवार को एक बोरी मिली, लेकिन उसी दिन सब खत्म हो गया।
बताया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं जो लिखा था, वह हो गया। बस एक ही मांग है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसी और के पिता की मौत न हो।
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हफ्ते भर से खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसान की मौत से गांव में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। घटना के बाद से किसानों में भारी आक्रोश है।
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ग्राम पंचायत संझवल प्रेमनगर निवासी सफीउर रहमान शुक्रवार सुबह करीब छह बजे बिना कुछ खाए-पिए खाद के लिए श्रीदत्तगंज बाजार के एग्रीकल्चर जंक्शन पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, बीते सात दिनों में वह कई बार रामपुर बगनहा और श्रीदत्तगंज गए, लेकिन हर बार खाद नहीं है कहकर उन्हें लौटा दिया गया था।
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शुक्रवार को काफी मशक्कत के बाद एक बोरी खाद तो मिली, लेकिन थकान और गर्मी ने उनका साथ छीन लिया।
मृतक के पुत्र सिकंदर ने कहा कि पिता 16 बीघे खेत के मालिक थे, लेकिन खाद के बिना फसल बर्बाद होने की चिंता ने उन्हें तोड़ दिया। दुकानदार बार-बार टरका देता था, शुक्रवार को एक बोरी मिली, लेकिन उसी दिन सब खत्म हो गया।
बताया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं जो लिखा था, वह हो गया। बस एक ही मांग है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसी और के पिता की मौत न हो।