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बर्बाद फसल देख किसानों की आंखों में भर आ रहे आंसू
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बलरामपुर। क्षेत्र में बाढ़ की त्रासदी सबसे ज्यादा किसानों को झेलनी पड़ी। सूखे से बचाकर तैयार की गई धान की फसल बाढ़ से बर्बाद हो गई। बर्बाद फसल देखकर किसानों की आंखों में आंसू भर आते हैं। किसानों ने डीएम से खराब हुई फसल का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ग्राम गुरचाही, पड़री, दुर्गापुर, कठौवा, लालनगर, भिऊरा, गैंजहवा, डकही आदि गांवों में बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है। यहां के किसान सुशील कुमार, रामतेज, संतोष, राम बरन, श्याम नरायन, तेजू, मंशाराम, लल्लन आदि का कहना है कि बाढ़ के चलते कच्चे मकान गिर गए। घर में रखा अनाज भीगकर खराब हो गया।
खेत में लगी धान की फसल सड़ने लगी है। अधिकांश खेतों में लगा गन्ना भी बर्बाद हो गया है। फसल देखकर किसानों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं। किसानों के लिए भोजन और मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम तक करना मुश्किल हो रहा है। दीपावली की खुशियां दुखों में तब्दील हो गईं हैं।
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किसानों का कहना है कि इस बार पर्व मनाना तो दूर दो जून की रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल लग रहा है। प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री किट ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। बैंक का कर्ज किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच रहा है। इन लोगों ने डीएम को पत्र भेजकर बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा शीघ्र दिलवाने की मांग की है।
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ग्राम गुरचाही, पड़री, दुर्गापुर, कठौवा, लालनगर, भिऊरा, गैंजहवा, डकही आदि गांवों में बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है। यहां के किसान सुशील कुमार, रामतेज, संतोष, राम बरन, श्याम नरायन, तेजू, मंशाराम, लल्लन आदि का कहना है कि बाढ़ के चलते कच्चे मकान गिर गए। घर में रखा अनाज भीगकर खराब हो गया।
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खेत में लगी धान की फसल सड़ने लगी है। अधिकांश खेतों में लगा गन्ना भी बर्बाद हो गया है। फसल देखकर किसानों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं। किसानों के लिए भोजन और मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम तक करना मुश्किल हो रहा है। दीपावली की खुशियां दुखों में तब्दील हो गईं हैं।
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किसानों का कहना है कि इस बार पर्व मनाना तो दूर दो जून की रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल लग रहा है। प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री किट ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। बैंक का कर्ज किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच रहा है। इन लोगों ने डीएम को पत्र भेजकर बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा शीघ्र दिलवाने की मांग की है।