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Balrampur News: सड़क किनारे गड्ढे में मिला किसान का शव, हत्या की आशंका
Fri, 16 Oct 2026 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:13 PM IST
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फोटो-20-हरीश चंद्र।-फाइल फोटो
महराजगंज तराई। क्षेत्र के लोहेपनिया गांव के बाहर शुक्रवार सुबह सड़क किनारे गड्ढे में किसान का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांव निवासी हरीश चंद्र (55) के रूप में हुई। आंख पर चोट का निशान मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक के बेटे ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
लोहेपनिया निवासी शिव प्रसाद के मुताबिक, उनके पिता हरीश चंद्र बृहस्पतिवार 15 अक्तूबर की शाम घर से निकले थे, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटे। परिजनों को उम्मीद थी कि वह लौट आएंगे, लेकिन शुक्रवार सुबह गांव के बाहर सड़क किनारे गड्ढे में उनका शव मिलने की सूचना मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर पहुंचे परिजन शव देखकर बदहवास हो गए।
शिव प्रसाद का कहना है कि उनके पिता की आंख पर चोट का निशान था। इस कारण उन्हें मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह है। उन्होंने पुलिस से जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि हरीश चंद्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वह सड़क किनारे गड्ढे तक कैसे पहुंचे। हालांकि, अभी हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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हरीश चंद्र के परिवार में पत्नी किन्ना देवी, तीन बेटे शिव प्रसाद, राजू और गबोधर तथा दो बेटियां मन्नी और मुईदा हैं। परिवार के मुखिया की अचानक मौत से घर में मातम पसरा है। पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सीओ डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक के बेटे की ओर से तहरीर मिली है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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लोहेपनिया निवासी शिव प्रसाद के मुताबिक, उनके पिता हरीश चंद्र बृहस्पतिवार 15 अक्तूबर की शाम घर से निकले थे, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटे। परिजनों को उम्मीद थी कि वह लौट आएंगे, लेकिन शुक्रवार सुबह गांव के बाहर सड़क किनारे गड्ढे में उनका शव मिलने की सूचना मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर पहुंचे परिजन शव देखकर बदहवास हो गए।
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शिव प्रसाद का कहना है कि उनके पिता की आंख पर चोट का निशान था। इस कारण उन्हें मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह है। उन्होंने पुलिस से जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि हरीश चंद्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वह सड़क किनारे गड्ढे तक कैसे पहुंचे। हालांकि, अभी हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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हरीश चंद्र के परिवार में पत्नी किन्ना देवी, तीन बेटे शिव प्रसाद, राजू और गबोधर तथा दो बेटियां मन्नी और मुईदा हैं। परिवार के मुखिया की अचानक मौत से घर में मातम पसरा है। पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सीओ डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक के बेटे की ओर से तहरीर मिली है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फोटो-20-हरीश चंद्र।-फाइल फोटो