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Balrampur News: शिक्षा केवल ज्ञान का साधन नहीं, बच्चों के रोजगार का माध्यम भी बने
Fri, 28 Jul 2023 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 28 Jul 2023 11:25 PM IST
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बलरामपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तीन वर्ष पूरा होने पर शुक्रवार को केंद्रीय विद्यालय की ओर से पायनियर पब्लिक स्कूल में गोष्ठी व प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षाविदों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की खूबियों पर प्रकाश डाला। बताया कि शिक्षा के साथ बच्चों में विभिन्न तरह के कौशल विकसित कर उन्हें रोजगार से जोड़ना ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य है।
गोष्ठी का शुभारंभ डीआईओएस गोविंद राम ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का साधन ही नहीं बल्कि बच्चों को रोजगार दिलाने का माध्यम भी बने। इसलिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास को महत्वपूर्ण माना गया है। 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप लचीली बहुविषयक शिक्षा के माध्यम से भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति में बदलना भी नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य है। नई शिक्षा नीति में रटने के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देना, पढ़ाई के बजाय सीखने पर ध्यान केंद्रित करना और वैज्ञानिक स्वभाव को प्रोत्साहित करने को विशेष महत्व दिया गया है।
केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज अस्थाना ने कहा कि एनईपी 2020 का लक्ष्य 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100 प्रतिशत जीईआर के साथ प्री स्कूल से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत केंद्रीय विद्यालय में की जा रही गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी।
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जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रधानाचार्य गीता मिश्रा, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन पांडेय व एमजे एक्टिविटी स्कूल के प्रधानाचार्य हिमांशु द्विवेदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब सरकार बच्चों की शिक्षा को रोजगारपरख बनाने पर जोर दे रही है। विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ ही अब स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी चलाया जा रहा है। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के जरिए बच्चों में कौशल (स्किल) विकसित करके उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। चीन जैसे देश आज कौशल विकास के जरिए ही सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हैं। ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए भारत सरकार ने भी युवाओं में कौशल विकसित करके देश को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ कदम बढ़ाया है।
गोष्ठी का समापन करते हुए पायनियर पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की खूबियों पर प्रकाश डाला। गोष्ठी के अंत में उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर तमाम शिक्षक व मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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गोष्ठी का शुभारंभ डीआईओएस गोविंद राम ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का साधन ही नहीं बल्कि बच्चों को रोजगार दिलाने का माध्यम भी बने। इसलिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास को महत्वपूर्ण माना गया है। 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप लचीली बहुविषयक शिक्षा के माध्यम से भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति में बदलना भी नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य है। नई शिक्षा नीति में रटने के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देना, पढ़ाई के बजाय सीखने पर ध्यान केंद्रित करना और वैज्ञानिक स्वभाव को प्रोत्साहित करने को विशेष महत्व दिया गया है।
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केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज अस्थाना ने कहा कि एनईपी 2020 का लक्ष्य 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100 प्रतिशत जीईआर के साथ प्री स्कूल से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत केंद्रीय विद्यालय में की जा रही गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी।
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जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रधानाचार्य गीता मिश्रा, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन पांडेय व एमजे एक्टिविटी स्कूल के प्रधानाचार्य हिमांशु द्विवेदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब सरकार बच्चों की शिक्षा को रोजगारपरख बनाने पर जोर दे रही है। विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ ही अब स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी चलाया जा रहा है। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के जरिए बच्चों में कौशल (स्किल) विकसित करके उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। चीन जैसे देश आज कौशल विकास के जरिए ही सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हैं। ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए भारत सरकार ने भी युवाओं में कौशल विकसित करके देश को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ कदम बढ़ाया है।
गोष्ठी का समापन करते हुए पायनियर पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की खूबियों पर प्रकाश डाला। गोष्ठी के अंत में उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर तमाम शिक्षक व मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।