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नगर के साथ हाइवे पर भी सवारी ढो रहे ई-रिक्शा
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फोटो-1-बलरामपुर के तुलसीपुर रोड पर ई-रिक्शा के चलते लगा जाम।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। नगर में सवारी ढोने वाले ई-रिक्शा नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं। ई-रिक्शा चालक 30 से 40 किमी दूर स्थित तुलसीपुर, उतरौला व गोंडा सवारी पहुंचा रहे हैं। इनके संचालन से टैक्सी संचालकों की मुसीबत बढ़ गई है। टैक्सी संचालकों ने अपना वाहन खड़ा कर परमिट सरेंडर करने का मन बना लिया है। परमिट सरेंडर होने से हर माह सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
जिले में इस समय करीब 2500 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। नगरों में साइकिल रिक्शा का प्रचलन लगभग समाप्त हो गया है। रिक्शे नगर के बजाए नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर सवारियां ढो रहे हैं। एक बार ई-रिक्शा बैट्री चार्ज होने के बाद 40 से 50 किलोमीटर चलता है। यह लोग उतरौला, गोण्डा तथा तुलसीपुर की सवारियां दो पार्ट में पहुंचाते हैं। पहले पार्ट में गोंडा की सवारियों को ई-रिक्शा चालक पहले इटियाथोक पहुंचा देते हैं। इसके बाद दूसरा ई-रिक्शा उन्हें गोंडा पहुंचा देता है। यात्री कर व डीजल-पेट्रोल न लगने से यह लोग भाड़ा भी टैक्सी व बस से कम लेते हैं। तुलसीपुर जाने के लिए पहले रमईडीह तक फिर वहां से तुलसीपुर तक, उतरौला जाने के लिए श्रीदत्तगंज और फिर वहां से उतरौला सवारी पहुंचाई जा रही है।
शहर में बन रहे जाम का कारण
ई-रिक्शा जिले के शहरों में जाम का कारण बन रहे हैं। यह लोग चौराहों तथा गलियों में बिना सवारी के भी रिक्शा दौड़ाते रहे हैं। तेल आदि का पैसा न लगने के कारण यह लोग मनमानी भी करते हैं। कहीं भी रिक्शा घुसा देना और कहीं भी मोड़ देना इनकी आदत बन गया है। यही नहीं इनकी मनमानी के कारण लोग दुर्घटना का शिकार भी हो रहे हैं।
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लगाया जाएगा अंकुश
नगर के साथ-साथ हाईवे पर चलने वाले ई-रिक्शों की मनमानी पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाई जा रही है। इनका संचालन व्यवस्थित किया जाएगा। अनावश्यक रूप से सड़कों पर ई-रिक्शा दौड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वीरेंद्र यादव, प्रभारी यातायात पुलिस बलरामपुर
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जिले में इस समय करीब 2500 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। नगरों में साइकिल रिक्शा का प्रचलन लगभग समाप्त हो गया है। रिक्शे नगर के बजाए नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर सवारियां ढो रहे हैं। एक बार ई-रिक्शा बैट्री चार्ज होने के बाद 40 से 50 किलोमीटर चलता है। यह लोग उतरौला, गोण्डा तथा तुलसीपुर की सवारियां दो पार्ट में पहुंचाते हैं। पहले पार्ट में गोंडा की सवारियों को ई-रिक्शा चालक पहले इटियाथोक पहुंचा देते हैं। इसके बाद दूसरा ई-रिक्शा उन्हें गोंडा पहुंचा देता है। यात्री कर व डीजल-पेट्रोल न लगने से यह लोग भाड़ा भी टैक्सी व बस से कम लेते हैं। तुलसीपुर जाने के लिए पहले रमईडीह तक फिर वहां से तुलसीपुर तक, उतरौला जाने के लिए श्रीदत्तगंज और फिर वहां से उतरौला सवारी पहुंचाई जा रही है।
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शहर में बन रहे जाम का कारण
ई-रिक्शा जिले के शहरों में जाम का कारण बन रहे हैं। यह लोग चौराहों तथा गलियों में बिना सवारी के भी रिक्शा दौड़ाते रहे हैं। तेल आदि का पैसा न लगने के कारण यह लोग मनमानी भी करते हैं। कहीं भी रिक्शा घुसा देना और कहीं भी मोड़ देना इनकी आदत बन गया है। यही नहीं इनकी मनमानी के कारण लोग दुर्घटना का शिकार भी हो रहे हैं।
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लगाया जाएगा अंकुश
नगर के साथ-साथ हाईवे पर चलने वाले ई-रिक्शों की मनमानी पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाई जा रही है। इनका संचालन व्यवस्थित किया जाएगा। अनावश्यक रूप से सड़कों पर ई-रिक्शा दौड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वीरेंद्र यादव, प्रभारी यातायात पुलिस बलरामपुर