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दहेज लोभी हत्यारे पति को हुई आजीवन कारावास
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बलरामपुर। एफटीसी प्रथम ने दहेज के लोभी हत्यारे पति को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आरोपी को 56 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रणधीर सिंह ने बताया कि थाना देहात कोतवाली ने 11 अप्रैल 2015 को मालिकराम ने मुकदमा पंजीकृत कराया था कि उसकी बेटी मीरा देवी को दहेज की मांग न पूरी होने से नाराज उसके पति चंदर ने मार डाला।
विवेचक ने प्रथम दृष्टया थाना कोतवाली उतरौला के ग्राम अलादाद खम्हरिया निवासी जितेंद्र पुत्र छक्कन को दहेज हत्या व दहेज उत्पीड़न का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षण के लिए सरकार की तरफ से प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने फर्जी तरीके से फंसाए जाने की दलील देते हुए जितेंद्र को बेकसूर बताया।
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सरकारी अधिवक्ता ने दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न व हत्या का दोषी मानते हुए अधिकतम सजा दिए जाने की अपील न्यायालय से की। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम तरवेज अहमद ने जितेंद्र को मीरा देवी की हत्या का दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आरोपी को 56 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रणधीर सिंह ने बताया कि थाना देहात कोतवाली ने 11 अप्रैल 2015 को मालिकराम ने मुकदमा पंजीकृत कराया था कि उसकी बेटी मीरा देवी को दहेज की मांग न पूरी होने से नाराज उसके पति चंदर ने मार डाला।
विवेचक ने प्रथम दृष्टया थाना कोतवाली उतरौला के ग्राम अलादाद खम्हरिया निवासी जितेंद्र पुत्र छक्कन को दहेज हत्या व दहेज उत्पीड़न का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षण के लिए सरकार की तरफ से प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने फर्जी तरीके से फंसाए जाने की दलील देते हुए जितेंद्र को बेकसूर बताया।
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सरकारी अधिवक्ता ने दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न व हत्या का दोषी मानते हुए अधिकतम सजा दिए जाने की अपील न्यायालय से की। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम तरवेज अहमद ने जितेंद्र को मीरा देवी की हत्या का दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आरोपी को 56 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।