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स्कूली बच्चों की गतिविधियों पर बनेगा वृत्तचित्
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बलरामपुर। यूनीसेफ की दो सदस्यीय स्टेट टीम ने गुरुवार के उच्च प्राथमिक स्कूल इमिलिया व कंपोजिट विद्यालय ज्योनार का औचक निरीक्षक कर वहां की हकीकत परखी। इन स्कूलों में टीम ने सामाजिक कुरीतियों के प्रति बच्चों के व्यवहार को परखते हुए उन्हें मिले प्रशिक्षण पर चर्चा की। चिह्नित स्कूलों का दस अक्तूबर तक मूल्यांकन कर उन पर वृत्तचित्र बनाया जाएगा। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार भी मिलेगा।
यूनीसेफ के सामाजिक व्यवहार परिवर्तन अधिकारी दयाशंकर सिंह ने कहा कि सेल्फ स्टीम एंड बॉडी कांफिडेंस प्रोजेक्ट का असर स्कूलों में दिख रहा है। दोनों विद्यालयों में बालिकाओं ने लिंग भेद कैसे समाप्त करें, बाल विवाह, बालिका शिक्षा व महिला सशक्तीकरण के साथ सामाजिक कुरीतियों के मुद्दों पर बेहतर जानकारी दी।
बालिका शिक्षा विशेषज्ञ आशीष कुमार ने कहा कि दोनों स्कूलों में बालिकाओं को बेहतर शिक्षा दी जा रही है। सदस्यों ने एसआरजी नवीन सिंह को इसी तर्ज पर दस अक्तूबर तक अन्य स्कूलों को चिह्नित करने की सलाह दी, जिससे उनका भी मूल्यांकन कर वृत्तचित्र बनाया जा सके। इस दौरान शिक्षिका रेनू पांडेय, शशि चौधरी, मीनाक्षी त्रिपाठी समेत कई शिक्षक व बच्चे मौजूद रहे।
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यूनीसेफ के सामाजिक व्यवहार परिवर्तन अधिकारी दयाशंकर सिंह ने कहा कि सेल्फ स्टीम एंड बॉडी कांफिडेंस प्रोजेक्ट का असर स्कूलों में दिख रहा है। दोनों विद्यालयों में बालिकाओं ने लिंग भेद कैसे समाप्त करें, बाल विवाह, बालिका शिक्षा व महिला सशक्तीकरण के साथ सामाजिक कुरीतियों के मुद्दों पर बेहतर जानकारी दी।
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बालिका शिक्षा विशेषज्ञ आशीष कुमार ने कहा कि दोनों स्कूलों में बालिकाओं को बेहतर शिक्षा दी जा रही है। सदस्यों ने एसआरजी नवीन सिंह को इसी तर्ज पर दस अक्तूबर तक अन्य स्कूलों को चिह्नित करने की सलाह दी, जिससे उनका भी मूल्यांकन कर वृत्तचित्र बनाया जा सके। इस दौरान शिक्षिका रेनू पांडेय, शशि चौधरी, मीनाक्षी त्रिपाठी समेत कई शिक्षक व बच्चे मौजूद रहे।
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