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आयुष्मान भारत योजना में बलरामपुर 17वें स्थान पर
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बलरामपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने में बलरामपुर जनपद को प्रदेश में 17वां स्थान प्राप्त हुआ है। पिछले माह की अपेक्षा इस माह जिले की रेटिंग में चार रैंक का सुधार हुआ है। रेटिंग के हिसाब से बलरामपुर जिला गोल्डन कार्ड बनाने के मामले में देवीपाटन मंडल में अव्वल साबित हुआ है।
गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसके तहत लाभार्थी परिवार के सदस्य पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का गोल्डन कार्ड होना जरूरी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का चयन 2011 के सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना सूची के आधार पर होता है।
इसी तरह मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में अंत्योदय कार्डधारक का चयन किया जाता है। जिले में 1,67,173 परिवारों के 7,40,452 लाभार्थियों का चयन किया गया है। इनमें से 67,589 परिवारों के 1,92,275 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है। योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जाने के आधार पर प्रदेश में हर माह जिलेवार रैंकिंग घोषित की जाती है। मार्च में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 17वां स्थान मिला है। फरवरी में जिले को 21वीं रैंक प्राप्त हुई थी। इस तरह जिले की रेटिंग में चार रैंक का सुधार हुआ है।
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सरकार के निर्देशानुसार शत-प्रतिशत लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लॉकों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाने के अलावा प्रत्येक रविवार को 24 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में भी लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर-टू-डोर भ्रमण करके लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिला सूचना प्रबंधक (आयुष्मान भारत योजना) विदेह पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए जनसेवा केंद्रों एवं कोटेदारों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीएम ने डीएसओ को निर्देश दिया था कि कोटेदारों के यहां राशन बांटने वाले दिन कार्डधारकों को आधार कार्ड के साथ बुलाया जाए। वहीं पर आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का अंगूठा लगवाकर उनका गोल्डन कार्ड भी बनाया जाए। डीएम के निर्देश के बावजूद लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने में न तो जनसेवा केंद्र रुचि ले रहे हैं और न कोटेदार ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं। (संवाद)
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गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसके तहत लाभार्थी परिवार के सदस्य पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का गोल्डन कार्ड होना जरूरी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का चयन 2011 के सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना सूची के आधार पर होता है।
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इसी तरह मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में अंत्योदय कार्डधारक का चयन किया जाता है। जिले में 1,67,173 परिवारों के 7,40,452 लाभार्थियों का चयन किया गया है। इनमें से 67,589 परिवारों के 1,92,275 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है। योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जाने के आधार पर प्रदेश में हर माह जिलेवार रैंकिंग घोषित की जाती है। मार्च में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 17वां स्थान मिला है। फरवरी में जिले को 21वीं रैंक प्राप्त हुई थी। इस तरह जिले की रेटिंग में चार रैंक का सुधार हुआ है।
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सरकार के निर्देशानुसार शत-प्रतिशत लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लॉकों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाने के अलावा प्रत्येक रविवार को 24 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में भी लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर-टू-डोर भ्रमण करके लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिला सूचना प्रबंधक (आयुष्मान भारत योजना) विदेह पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए जनसेवा केंद्रों एवं कोटेदारों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीएम ने डीएसओ को निर्देश दिया था कि कोटेदारों के यहां राशन बांटने वाले दिन कार्डधारकों को आधार कार्ड के साथ बुलाया जाए। वहीं पर आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का अंगूठा लगवाकर उनका गोल्डन कार्ड भी बनाया जाए। डीएम के निर्देश के बावजूद लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने में न तो जनसेवा केंद्र रुचि ले रहे हैं और न कोटेदार ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं। (संवाद)