{"_id":"605a18998ebc3ee64703b575","slug":"disabled-children-will-read-kakhara-from-tlm-balrampur-news-lko571040623","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीएलएम से ककहरा पढ़ेंगे दिव्यांग बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीएलएम से ककहरा पढ़ेंगे दिव्यांग बच्चे
विज्ञापन
बलरामपुर। छह से 14 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए टीएलएम तैयार किए गए हैं। परिषदीय स्कूलों के दिव्यांग बच्चों को टीएलएम से ककहरा पढ़ाया जाएगा। जिला पुस्तकालय सभागार में समेकित शिक्षा के 23 स्पेशल एजूकेटर्स ने टीएलएम तैयार करके मॉडल दिखाया। इस पर समेकित शिक्षा विभाग की तरफ से 46 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। बीएसए डॉ. रामचंद्र ने स्पेशल एजूकेटर्स की तरफ से बनाए गए टीएलएम को देखा और सराहना की।
समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक आभा त्रिपाठी ने बीते दिन बताया कि जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छह से 14 वर्ष तक के 460 दिव्यांग बच्चों को टीएलएम से पढ़ाया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय से वार्षिक कार्ययोजना व बजट 2020-21 में प्रत्येक एजूकेटर को टीएलएम तैयार कराने के लिए दो-दो हजार रुपये की दर से 46 हजार रुपये भेजे गए थे। जिला पुस्तकालय सभागार में समेकित शिक्षा की तरफ से दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को टीएलएम बनाने की गतिविधियां सिखाई गई।
प्रत्येक शिक्षक को दो-दो हजार रुपये सामग्री खरीदने पर दिया गया है। जिले में 23 स्पेशल एजूकेटर स्कूलों में जाकर दिव्यांग बच्चों की पढ़ाने में मदद करेंगे। जिले में दृष्टि बाधित व श्रवण बाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए सात-सात और बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए नौ स्पेशल एजूकेटर्स रखे गए हैं। उनकी तरफ से टीएलएम से दिव्यांग बच्चों को शैक्षिक सपोर्ट दिया जाएगा। जिला पुस्तकालय सभागार में स्पेशल एजूकेटर्स सुधीर कुमार, मेराज अहमद अंसारी, प्रतिमा सिंह, सत्येंद्र, पूजा, राकेश, चंद्रमणि, कमलेश बहादुर, मीरा, नीलम, देशबंधु पांडेय, सुजीत, विनोद, कुसुम, सुमन, मालती व शैलेश आदि ने टीएलएम बनाकर बीएसए को दिखाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक आभा त्रिपाठी ने बीते दिन बताया कि जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छह से 14 वर्ष तक के 460 दिव्यांग बच्चों को टीएलएम से पढ़ाया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय से वार्षिक कार्ययोजना व बजट 2020-21 में प्रत्येक एजूकेटर को टीएलएम तैयार कराने के लिए दो-दो हजार रुपये की दर से 46 हजार रुपये भेजे गए थे। जिला पुस्तकालय सभागार में समेकित शिक्षा की तरफ से दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को टीएलएम बनाने की गतिविधियां सिखाई गई।
विज्ञापन
प्रत्येक शिक्षक को दो-दो हजार रुपये सामग्री खरीदने पर दिया गया है। जिले में 23 स्पेशल एजूकेटर स्कूलों में जाकर दिव्यांग बच्चों की पढ़ाने में मदद करेंगे। जिले में दृष्टि बाधित व श्रवण बाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए सात-सात और बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए नौ स्पेशल एजूकेटर्स रखे गए हैं। उनकी तरफ से टीएलएम से दिव्यांग बच्चों को शैक्षिक सपोर्ट दिया जाएगा। जिला पुस्तकालय सभागार में स्पेशल एजूकेटर्स सुधीर कुमार, मेराज अहमद अंसारी, प्रतिमा सिंह, सत्येंद्र, पूजा, राकेश, चंद्रमणि, कमलेश बहादुर, मीरा, नीलम, देशबंधु पांडेय, सुजीत, विनोद, कुसुम, सुमन, मालती व शैलेश आदि ने टीएलएम बनाकर बीएसए को दिखाया।
विज्ञापन