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सीएचसी अधीक्षक के समर्थन में आशा व एएनएम ने किया प्रदर्शन
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बलरामपुर। दो डॉक्टरों के बीच हुए विवाद के प्रकरण में तुलसीपुर के सीएचसी अधीक्षक को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। अधीक्षक के समर्थन में आशा, एएनएम, कर्मचारी व स्थानीय लोग पूरी तरह लामबंद हो गए है। आशा, एएनएम व कर्मचारियों ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अधीक्षक को हटाए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर सुमंत सिंह चौहान को पुन: अधीक्षक के रूप में तैनात किए जाने की मांग की गई। राजेश कुमार, महेश्वरी प्रसाद, मिथिलेश कुमारी, माधुरी, मंजू मिश्रा, मुकेश कुमार, राम मनोहर, शिवपाल वर्मा, प्रमोद, विक्रम, शिवलाल, प्रतिभा मिश्रा, कमलेश कुमारी, मंजू, सीमा, बिंदू, प्राना देवी, भुवनचंद, ज्योति दूबे, शकीला, माला, रजनी, सुमन श्रीवास्तव, दयावती, सुचि देवी, रेखा श्रीवास्तव, निर्मला, विनीता मिश्रा, पूनम देवी, माधुरी तिवारी, प्रेमलता व सुनीता मिश्रा आदि आशा, एएनएम व कर्मचारियों ने शनिवार की शाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इन लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि पीएचसी महराजगंज तराई के प्रभारी डॉ. सुहेल खान व डॉ. आशीष तिवारी के बीच गाली-गलौज का ऑडियो वायरल हुआ था। इन दोनों लोगों के अपराध की सजा सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान को दी गई है जबकि अधीक्षक का कार्य व्यवहार हमेशा सराहनीय रहा है।
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करीब पांच साल के कार्यकाल में सीएचसी तुलसीपुर में किसी भी तरह का विवाद नहीं हुआ। उपलब्ध डॉक्टर व संसाधनों के अनुसार सभी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई गई।
अधीक्षक का व्यवहार सभी लोगों के साथ बहुत ही अच्छा रहा। कुछ लोगों के षडयंत्र के कारण ऐसे ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति को अधीक्षक पद से हटाया जाना सही नहीं है। दोषी व्यक्तियों को जिला मुख्यालय भेजकर जहां एक तरह से उन्हें इनाम दिया गया है वहीं निर्दोष होने के बावजूद डॉ. सुमंत को अधीक्षक पद से हटाया जाना न्याय संगत नहीं है।
प्रदर्शन के बाद इन लोगों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर डॉ. सुमंत सिंह चौहान को पुन: अधीक्षक पद पर तैनात किए जाने की मांग की। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों तथा आशा व एएनएम को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
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सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर सुमंत सिंह चौहान को पुन: अधीक्षक के रूप में तैनात किए जाने की मांग की गई। राजेश कुमार, महेश्वरी प्रसाद, मिथिलेश कुमारी, माधुरी, मंजू मिश्रा, मुकेश कुमार, राम मनोहर, शिवपाल वर्मा, प्रमोद, विक्रम, शिवलाल, प्रतिभा मिश्रा, कमलेश कुमारी, मंजू, सीमा, बिंदू, प्राना देवी, भुवनचंद, ज्योति दूबे, शकीला, माला, रजनी, सुमन श्रीवास्तव, दयावती, सुचि देवी, रेखा श्रीवास्तव, निर्मला, विनीता मिश्रा, पूनम देवी, माधुरी तिवारी, प्रेमलता व सुनीता मिश्रा आदि आशा, एएनएम व कर्मचारियों ने शनिवार की शाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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इन लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि पीएचसी महराजगंज तराई के प्रभारी डॉ. सुहेल खान व डॉ. आशीष तिवारी के बीच गाली-गलौज का ऑडियो वायरल हुआ था। इन दोनों लोगों के अपराध की सजा सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान को दी गई है जबकि अधीक्षक का कार्य व्यवहार हमेशा सराहनीय रहा है।
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करीब पांच साल के कार्यकाल में सीएचसी तुलसीपुर में किसी भी तरह का विवाद नहीं हुआ। उपलब्ध डॉक्टर व संसाधनों के अनुसार सभी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई गई।
अधीक्षक का व्यवहार सभी लोगों के साथ बहुत ही अच्छा रहा। कुछ लोगों के षडयंत्र के कारण ऐसे ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति को अधीक्षक पद से हटाया जाना सही नहीं है। दोषी व्यक्तियों को जिला मुख्यालय भेजकर जहां एक तरह से उन्हें इनाम दिया गया है वहीं निर्दोष होने के बावजूद डॉ. सुमंत को अधीक्षक पद से हटाया जाना न्याय संगत नहीं है।
प्रदर्शन के बाद इन लोगों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर डॉ. सुमंत सिंह चौहान को पुन: अधीक्षक पद पर तैनात किए जाने की मांग की। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों तथा आशा व एएनएम को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।