फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Dam cut, half the district submerged

बांध कटा, आधा जिला जलमग्न

Sun, 09 Oct 2022 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 10:48 PM IST
विज्ञापन
Dam cut, half the district submerged
बलरामपुर। बीते तीन दिन से लगातार बढ़ रहे राप्ती के जलस्तर का दबाव अब बाढ़ से सुरक्षा के लिए बनाए गए बांध भी नहीं सह पा रहे हैं। शनिवार देर रात चंदापुर गांव के पास बलरामपुर-भड़रिया बांध करीब 400 मीटर तक कट गया। इससे करीब आधा जिला भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया।
विज्ञापन

शहर के साथ ही करीब 430 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इनमें से 200 गांव टापू बन गए हैं। शहर में पानी भरने से सैकड़ों दुकानें बंद हैं। सदर तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक बाढ़ आ गई है। कई मोहल्लों में नावें चल रहीं हैं। प्रशासन के राहत व बचाव कार्य ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन

नेशनल हाईवे से लेकर कई मार्गों पर आवागमन ठप है। जिलेभर में करीब पांच लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी की बाढ़ राहत इकाई के जवान बचाव कार्यों में जुटे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राप्ती नदी का जलस्तर रविवार शाम पांच बजे खतरे के निशान 104.620 मीटर से 130 सेंटीमीटर ऊपर 105.920 मीटर पर पहुंच गया। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।
उतरौला तहसील में बलरामपुर-भड़रिया बांध शनिवार देर रात चंदापुर गांव के पास करीब 400 मीटर तक कटकर नदी में समा गया। इससे चंदापुर, पचौथा, लखमा, मझारी, मनियारिया, गलिबापुर, पिपरी कोल्हुई, लालनगर, बिरदा बनियाभारी, केरावगढ़ समेत करीब 80 नए गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के लोगों को सुरक्षित निकालकर बाढ़ राहत केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज दारीचौरा पहुंचाया जा रहा है।
राप्ती की बाढ़ का पानी शहर की श्याम बिहार कॉलोनी, सिविल लाइंस, चिकनी, गोविंदबाग, निबकौनी, झंझरा आदि मोहल्लों में भर गया है। कई मोहल्लों में घरों का भूतल पूरी तरह पानी में डूब गया है। लोगों को नाव से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। सदर तहसील, कलेक्ट्रेट, विकास भवन तथा एसपी ऑफिस बाढ़ की चपेट में है। बलरामपुर डिपो में करीब दो फीट पानी भरा है। बसों का संचालन आंशिक रूप से रोक दिया गया है।
सिविल लाइंस विद्युत उपकेंद्र में बाढ़ का पानी भरने से आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है। बिजली नहीं आने से बाढ़ में फंसे लोगों के समक्ष पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। अंधेरा होने के कारण लोग घर से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं। सिविल लाइंस फीडर से जुड़े शहर से सटे गांवों की भी बिजली गुल है।
बाढ़ के कारण जिले के करीब 450 गांवों की बिजली चार दिन से ठप है। जिनके घर में जनरेटर व चौपहिया वाहन है वो किसी तरह मोबाइल चार्ज कर रहे हैं। मगर बिजली गुल होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के मोबाइल टावर भी बंद कर दिए गए हैं। नेटवर्क न होने के कारण लोग किसी से फोन पर बात भी नहीं कर पा रहे हैं।
टापू बने करीब 200 गांवों के लोग प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ित राम अकबाल, मैनुद्दीन, सियाराम व चिनके ने बताया कि तीन दिन से गांव तक किसी भी तरह की प्रशासनिक मदद नहीं पहुंची है। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण बाढ़ पीड़ित कंट्रोल रूम से संपर्क भी नहीं कर पा रहे हैं।
डीएम से लेकर अन्य प्रशासनिक अफसरों को सीयूजी नंबर के रूप में बीएसएनएल का सिम दिया गया है। 72 घंटे से जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बीएसएनएल नेटवर्क ठप है। ऐसे में अफसरों के सीयूजी नंबर पर कोई बात भी नहीं कर पा रहा है। लोगों ने डीएम से बीएसएनएल नेटवर्क बहाल कराने की मांग की है।
शहर से लेकर करीब 430 गांव की करीब पांच लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। मगर राहत व बचाव कार्यों के लिए प्रशासन के पास केवल 72 नावें हैं। ऐसे में बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में दिक्कतें आ रही हैं। संसाधनों की कमी के चलते बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पा रही है।

बाढ़ के कारण नेशनल हाइवे समेत जिले के करीब एक दर्जन प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। रविवार को बलरामपुर-उतरौला स्टेट हाईवे पर राजापुर भरिया जंगल में पानी आने के कारण आवागमन बाधित हो गया। तुलसीपुर तहसील का सड़क मार्ग से संपर्क कट गया है। ललिया व हरैया क्षेत्र का संपर्क भी मुख्यालय से कट गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed