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गाजे-बाजे के साथ निकाला गया गागर-चादर का जुलूस
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बलरामपुर। हजरत हाफिज मोहम्मद ऐनुल्लाह शाह चिश्ती रहमत उल्लाह अलैह का चार दिवसीय सालाना उर्स सोमवार से शुरू हो गया। उर्स के पहले दिन अकीतदमंदों ने गागर-चादर का जुलूस निकाला। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मजार शरीफ पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
अंधियारी बाग स्थित हजरत मोहम्मद ऐनुल्लाह शाह चिश्ती रहमत उल्लाह अलैह की मजार के खादिम मास्टर कमरुद्दीन अंसारी ने बताया कि बाबा की मजार पर सालाना उर्स के पहले दिन गाजे-बाजे के साथ गागर-चादर का जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए।
विभिन्न मार्गों से होते हुए गागर-चादर का जुलूस बाबा की मजार पर पहुंचा। जहां अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ा। उर्स के दूसरे दिन तकरीरी प्रोग्राम, तीसरे दिन जवाबी कव्वाली व चौथे दिन मजार शरीफ पर कुल शरीफ के फातिहा के बाद उर्स का समापन होगा।
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अंधियारी बाग स्थित हजरत मोहम्मद ऐनुल्लाह शाह चिश्ती रहमत उल्लाह अलैह की मजार के खादिम मास्टर कमरुद्दीन अंसारी ने बताया कि बाबा की मजार पर सालाना उर्स के पहले दिन गाजे-बाजे के साथ गागर-चादर का जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए।
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विभिन्न मार्गों से होते हुए गागर-चादर का जुलूस बाबा की मजार पर पहुंचा। जहां अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ा। उर्स के दूसरे दिन तकरीरी प्रोग्राम, तीसरे दिन जवाबी कव्वाली व चौथे दिन मजार शरीफ पर कुल शरीफ के फातिहा के बाद उर्स का समापन होगा।
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