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Balrampur News: हमला व दुराचार के प्रयास का दोषी मिलने पर एक को सात वर्ष की कैद
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बलरामपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम ने जानलेवा हमला व दुष्कर्म का प्रयास करने के अभियुक्त को दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़िता ने नगर कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि मऊ जनपद के दोहरी घाट निवासी वीरेंदर यादव ने उसे नौकरी दिलाने के लिए सारे शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए थे। 24 अक्तूबर 2016 को नौकरी दिलाने के लिए उसे बलरामपुर बुलाया और महेशभारी रोड पर एक घर में ले जाकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर वीरेंदर यादव ने पीड़िता पर चाकू से हमला कर दिया।
पीड़िता के प्रार्थनापत्र पर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर विवेचना शुरू की। विवेचक जितेंद्र कुमार ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल सिंह ने वीरेंदर को दुराचार का प्रयास करने और जानलेवा हमला करने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़िता ने नगर कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि मऊ जनपद के दोहरी घाट निवासी वीरेंदर यादव ने उसे नौकरी दिलाने के लिए सारे शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए थे। 24 अक्तूबर 2016 को नौकरी दिलाने के लिए उसे बलरामपुर बुलाया और महेशभारी रोड पर एक घर में ले जाकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर वीरेंदर यादव ने पीड़िता पर चाकू से हमला कर दिया।
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पीड़िता के प्रार्थनापत्र पर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर विवेचना शुरू की। विवेचक जितेंद्र कुमार ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल सिंह ने वीरेंदर को दुराचार का प्रयास करने और जानलेवा हमला करने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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