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Balrampur News: हत्यारे दंपती और भाई को आजीवन कारावास
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बलरामपुर। जिला सत्र न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के दोषी पति-पत्नी सहित एक ही परिवार के तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज लल्लू सिंह ने दोषियों को 50-50 हजार रुपये अर्थ दंड अदा करने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि 3 जुलाई 2017 को थाना पचपेड़वा के खजुरिया गांव निवासी जय प्रकाश ने प्रार्थना पत्र दिया था। पट्टीदारी में जमीन के विवाद को लेकर 30 जून 2017 को मारपीट हुई थी। इसी बीच उनके पिता दुरबली बीच-बचाव कराने पहुंचे तो राम प्रसाद, राम अभिलाख व मंजू देवी ने ईंट से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दुरबली की पीजीआई लखनऊ में मौत हो गई थी।
पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू की। विवेचक ने तीनों को प्रथम दृष्टया गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बहस के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने घटना को क्रूरतम बताते हुए अधिकतम आजीवन कारावास की सजा देने की अपील न्यायाधीश से की, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तीनों को निर्देश बताते हुए बरी करने की दलील दी।
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जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद राम प्रसाद, रामअभिलाख व मंजू देवी को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि 3 जुलाई 2017 को थाना पचपेड़वा के खजुरिया गांव निवासी जय प्रकाश ने प्रार्थना पत्र दिया था। पट्टीदारी में जमीन के विवाद को लेकर 30 जून 2017 को मारपीट हुई थी। इसी बीच उनके पिता दुरबली बीच-बचाव कराने पहुंचे तो राम प्रसाद, राम अभिलाख व मंजू देवी ने ईंट से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दुरबली की पीजीआई लखनऊ में मौत हो गई थी।
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पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू की। विवेचक ने तीनों को प्रथम दृष्टया गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बहस के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने घटना को क्रूरतम बताते हुए अधिकतम आजीवन कारावास की सजा देने की अपील न्यायाधीश से की, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तीनों को निर्देश बताते हुए बरी करने की दलील दी।
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जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद राम प्रसाद, रामअभिलाख व मंजू देवी को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।